-पत्नी के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित, आत्महत्या की दी चेतावनी
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। तांत्रिकों ने इलाज के नाम पर शास्त्री नगर निवासी एक युवक से लाखों रुपये
की ठगी कर ली। एक साल तक तांत्रिक उसे ठगते रहे। युवक बीमार था, तांत्रिकों से इलाज
कराने का झांसा पीड़ित के दोस्तों ने ही दिया था। इस चक्कर में पीड़ित ने बैंक से भी
आठ लाख रुपये का लोन ले लिया। बाद में जब ठगी का एहसास हुआ, तब तक वह काफी रुपया तांत्रिकों
को दे चुका था। एसएसपी कार्यालय पहुंचकर युवक ने न्याय की मांग की है।
बन्टी पुत्र मान सिंह निवासी शेरगढ़ी शास्त्रीनगर ने बताया कि 2024 में वह बीमार
हुआ, काफी इलाज कराने के बाद जब ठीक
नहीं हो सका, तब उसके दो दोस्त राजन, फरमान निवासीगण
माधवपुरम ने तांत्रिक रिफाकत व
गुलजार निवासीगण खत्ता रोड थाना ब्रहमपुरी के बारे बताया। राजन व फरमान ने बताया
कि ऐसा लगता है कि तेरे ऊपर जादू टोना कराया हुआ है, ये
दोनों तांत्रिक रिफाकत व गुलजार तुझे ठीक कर देंगे। तांत्रिक घर आए और कहा कि
तेरे घर में माया दबी हुई है, उनके साथ जो शक्ति है वो तुझे
ठीक नहीं होने दे रही। तेरा इसमें 3 लाख रुपये
खर्चा आएगा, तू ठीक हो जाएगा। विश्वास करके उसने तीन लाख रुपये दे दिए। 2 दिन बाद घर में गढ़ढा
खोद कर उसमें 2 सांप व पीली धातू
दिखाकर ये कहा कि 51 चावलों की देग कलियर चढ़ायी जाएगी, एक देग की कीमत 5100 रुपये होगी। उसने
फिर दोबारा से इन लोगों की बातों पर विश्वास करके 2,60,100 रुपये इन लोगों के घर जाकर दिए। उसके 10 दिन बाद तांत्रिकों ने
घर आकर कहा कि शक्तियां नाराज है, उसे राजी करने के लिए मिस्त्र की 14 सीसियां लगेगी, जिनकी एक सीसी की कीमत 60,000 रुपये होगी। जिनकी
कीमत 8,40,000 रुपये होगी। जब तक तुम ये खर्चा नहीं करोगे, तब तक
तुम ठीक नहीं होंगे। इतनी मोटी धनराशि ना होने की असमर्थता
जताई और कहा कि मेरे पास इतनी धनराशि नहीं है, तब उन
तांत्रिकों ने 25 दिन का समय दिया और
कहा कि अगर तूने ये काम नहीं किया तो तेरा इलाज पूरा नहीं होगा।
पुलिसकर्मियों पर लगाया ठगी में शामिल होने का आरोप
भारतीय स्टेट बैंक से 8 लाख रुपये का लोन कराया और दोनों तांत्रिकों को दे दिए। बाद में मैंने अपनी माता से एक
लाख रुपये लेकर और दिए। उन्होंने 4 शीशी मिस्त्र की मेरे
हाथ में दी तथा कहा कि जिस दिशा से तुम आए हो, उसकी
विपरीत दिशा में उल्टे चलो। फिराकत अपनी स्कूटी में मुझे
बैठाकर माधवपुरम चौकी के पिछले रास्ते से ले गया, वहां पुलिस
वालों ने चेकिंग के नाम पर रोका तथा स्कूटी की चेकिंग की, उसमें उनको 4 शीशियां मिली, पुलिस
संदिग्ध मानते हुए चौकी ले आयी, अन्दर एक कमरे में बैठा दिया
और रिफाकत को दूसरी तरफ ले गए।
पीड़ित ने वापस मांगा रुपया और जेवरात
थोड़ी देर में आकर रिफाकत ने कहा कि एक लाख रुपये पुलिस वाले मांग रहे है छोड़ने के, कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है, रिफाकत ने डराया कि अगर एक लाख रुपये नहीं दिए तो नौकरी चली जाएगी और तू जेल जाएगा। उसके बाद भी ये लोग धीरे-धीरे ठगते रहें। बाद में मालूम हुआ कि
उसके साथ ठगी की जा रही है। मुझे इन लोगों ने बर्बाद कर दिया, अगर ये लोग मेरा सारा रुपया व जेवरात नहीं देते है
तो मैं बच्चों सहित आत्महत्या कर लूंगा।

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