डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड लाइफ साइंसेज द्वारा आयोजित आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला "द फ्यूचर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी: इन्नोवेटिव सस्टेनेबल वर्ल्ड" के तीसरे दिन की शुरुआत शारदा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार के व्याख्यान के साथ हुई। इस सत्र में प्रतिभागियों को आणविक जीव विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों और इसके सतत विकास में योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस
कार्यशाला में प्रतिभागियों को डीएनए निष्कर्षण,
जैल इलेक्ट्रोफोरेसिस और पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का
व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। डॉ. कुमार के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों
ने आणविक जीव विज्ञान प्रयोगशाला उपकरणों एवं अभिकर्मकों के प्रयोग का प्रत्यक्ष
अनुभव प्राप्त किया और विभिन्न आणविक अभिक्रियाओं के चरणों का अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और
प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को आधुनिक तकनीकों से अवगत
कराने और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। कार्यशाला के
समापन सत्र में मोनिका चौधरी ने सभी गणमान्य अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद
ज्ञापित किया। इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. दिव्या प्रकाश, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. गरिमा वर्मा, डॉ. संजुक्ता, रूपेश, मानसी, सोनिया, अविताज सहित सभी शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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