-छह
केंद्रीय श्रम संघों ने बिजली का निजीकरण निरस्त करने के लिए
मुख्यमंत्री से की अपील
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर लगातार 98वें दिन बिजली
कर्मचारियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजना मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन
किया।
निजीकरण
के विरोध में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 06 व 07 मार्च को भी यथावत जारी
रहेगा। संघर्ष के 101वें दिन संघर्ष समिति के सभी घटक श्रम संघों और सेवा संगठनों
के केंद्रीय पदाधिकारियों की लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निजीकरण
निरस्त कराने हेतु संघर्ष तेज करने की रणनीति तय की जाएगी। उधर छह केन्द्रीय श्रम संघों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ से अपील की है कि वह निजीकरण की प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार को देखते
हुए निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त करें। हिन्द मजदूर सभा के अरुण गोपाल मिश्र, पीयूष मिश्र, एटक के चन्द्र शेखर, इंटक के दिलीप श्रीवास्तव,
सुधीर श्रीवास्तव, सीटू के प्रेमनाथ राय, हेमन्त कुमार सिंह, एआईटीयूटीसी से बीरेंद्र त्रिपाठी और 'सेवा' से सीता रावत, मीना ने संयुक्त बैठक कर निजीकरण के विरोध में बिजली
कर्मचारियों के आन्दोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन
कंसल्टेंट की नियुक्ति के मामले में जिस तरह हितों के टकराव के प्रावधान को शिथिल
कर दिया गया है,
उससे यह स्पष्ट हो गया है कि निजीकरण की प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार चल रहा है।
केंद्रीय श्रम संगठनों की बैठक की अध्यक्षता एटक के चंद्रशेखर ने की।

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