अंकित जैन
नित्य संदेश, मुज़फ्फरनगर। ऐतिहासिक जामा मस्जिद स्थित शाह इस्लामिक एकेडमी में आगामी
नमाज़-ए-जुमा और होली एक ही दिन होने के कारण शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के विषय
पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एकेडमी के संस्थापक क़ारी
मोहम्मद खालिद बशीर क़ासमी ने की।
उन्होंने कहा कि हमारे देश भारत की महान परंपरा रही
है कि सभी धर्मों के त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाए जाते रहे हैं। हर
नागरिक ने एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए अपने-अपने आस्था और
परंपराओं का पालन किया है। वर्तमान परिस्थितियों में इसकी महत्ता और अधिक बढ़ गई
है। इस्लाम धर्म अमन और शांति को सर्वोपरि रखता है और अपने अनुयायियों को भी इसी
की शिक्षा देता है। इसी कारण शहर और ज़िले में शांति बनाए रखने के प्रयासों में
एकेडमी के ज़िम्मेदार लोग हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित अपील जारी की गई:
1. आगामी 14 मार्च को मिश्रित आबादी वाली
मस्जिदों में जुमे की नमाज़ का समय दोपहर 2 बजे निर्धारित किया जाए।
2. 13 और 14 मार्च को मिश्रित आबादी वाली
मस्जिदों में ख़त्म-ए-तरावीह की दुआ करने से बचा जाए।
3. हर व्यक्ति को अपने मोहल्ले की
मस्जिद में ही जुमे की नमाज़ अदा करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
4. मुस्लिम महिलाएं होली के दिनों
में बाज़ारों में खरीदारी करने से परहेज करें।
5. इफ्तार और तरावीह के समय विशेष
रूप से नौजवान बाइक सवार ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
6. यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती
है, तो तुरंत संबंधित पुलिस
अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराएं और कानूनी कार्रवाई करें।
7. अफवाहों पर ध्यान न दें और
धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले संदेशों को शेयर करने से बचें।
बैठक में उपस्थित गणमान्य लोग:
महबूब आलम एडवोकेट, दिलशाद पहलवान, नौशाद कुरैशी, नवाब दिलशाद इलाही, परवेज़ रसूल, अंकित जैन, अब्दुल्ला कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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