नित्य संदेश ब्यूरो
ललितपुर. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि मेडिकल कॉलेज ललितपुर में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों के अनुसार हर साल 10 मृत मानव शरीर की आवश्यकता होती है।
मेडिकल कालेज में एनाटॉमी एक्ट 1956 के प्रावधान के तहत अज्ञात लावारिश मृत मानव शरीर सभी विधिक कार्यवाही पूर्ण करने के पश्चात मेडिकल कॉलेज को दान कर दी जाय ऐसा वर्णित है। इस संबंध में प्रधानाचार्य डॉ. द्विजेंद्र नाथ ने जिलाधिकारी ललितपुर अक्षय त्रिपाठी (आई ए एस) को मृत मानव शरीर उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा, जिस पर कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस अधिक्षक ललितपुर को प्रधानाचार्य के पत्र पर विचार करने को कहा। पुलिस अधिक्षक मोहम्मद मुश्ताक (आई पी एस) ने उत्तर प्रदेश एनाटॉमी एक्ट में वर्णित प्राविधानों के आधार एम बी बी एस छात्रों के अध्ययन के लिए सोमवार को पत्र जारी कर जनपद ललितपुर के सभी क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारीयों को आदेशित किया कि भविष्य में जनपद ललितपुर में यदि कोई लावारिश मृत मानव शरीर उपलब्ध होता है तो उसे स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ललितपुर को एम बी बी एस छात्रों के शिक्षण के लिए उपलब्ध कराया जाए।
प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि 20 नवंबर को कोलवाली थाना अंतर्गत नवीन गल्ला मंडी चौकी के उपनिरीक्षक श्रीकांत तिवारी ने एक अज्ञात एवं लावारिश मृत मानव शरीर का पंचनामा किया था। तिमारदारों के आने का प्रयाप्त इंतजार एवं शिनाख्त के लिए प्रचार प्रसार के बाद विधी विधान से समस्त कार्यवाही पूर्ण करने के पश्चात पुलिस ने 24 नवंबर को अज्ञात शव का पोस्टमार्टम कराया और सोमवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ललितपुर के एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वी डी पाण्डेय को कांटेबल राम बिहारी कुशवाहा ने अज्ञात मृत मानव शरीर को छात्र छात्राओं के प्रशिक्षण के लिए दान कर दिया, इस तरह आज मेडिकल कॉलेज ललितपुर को प्रथम मृत मानव शरीर उपलब्ध हो गया है।
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