-राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया मंडल स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। खादी को परंपरा से जोड़कर रोजगार का माध्यम बनाने और ग्रामोद्योग से जुड़े उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में मेरठ में मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से शनिवार को आयोजित 10 दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल, सिवालखास विधायक गुलाम
मोहम्मद, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज और महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने
संयुक्त रूप से किया।
प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ दूसरे राज्यों की इकाइयों ने भी
अपने उत्पादों के स्टाल लगाए हैं। आयोजन के जरिए स्वदेशी उत्पादों को ग्राहकों तक
पहुंचाने और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों की आमदनी बढ़ाने की संभावनाओं को
बल दिया जा रहा है। उद्घाटन के बाद जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का भ्रमण कर
विभिन्न स्टालों पर उपलब्ध उत्पादों का अवलोकन किया। यहां खादी के परिधानों के साथ
रेशमी साड़ियां, कश्मीरी शॉल, क्रॉकरी और सूखे मेवे समेत कई उत्पाद आकर्षण का
केंद्र हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से आए उत्पादों के माध्यम से लोगों को देश की विविध
हस्तकला और पारंपरिक उत्पादन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। सिवालखास विधायक गुलाम
मोहम्मद ने खादी से जुड़ी पुरानी परंपराओं को याद करते हुए कहा कि पहले गांवों में
सूत तैयार किया जाता था, जिससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक लाभ मिलता था। महात्मा
गांधी ने खादी को स्वदेशी आंदोलन की पहचान बनाया। आज भी खादी देश की आत्मनिर्भरता
और स्वदेशी भावना का प्रतीक है।
ये कहा कैंट विधायक ने
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने शहरवासियों से प्रदर्शनी में पहुंचकर अधिक से
अधिक खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से
स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है। उत्पादों की बिक्री
बढ़ने से इनसे जुड़े लोगों को अपने कारोबार के विस्तार का अवसर भी मिलता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच उत्कृष्ट इकाइयों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने अतिथियों का खादी का पटका
पहनाकर स्वागत किया। परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने
अतिथियों को चरखे के स्मृति चिह्न भेंट किए। उन्होंने प्रदर्शनी की रूपरेखा
प्रस्तुत करते हुए लोगों से अधिक से अधिक भागीदारी करने और स्वदेशी उत्पादों की
खरीदारी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया
आरजी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। छात्राओं की
ओर से स्वदेशी विषय पर नाट्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसके माध्यम से देश में बने
उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया गया। इसके बाद महात्मा गांधी पुरस्कार योजना के
अंतर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों को
पुरस्कृत किया गया।
ताकि स्वदेशी कारोबार को मजबूती मिले
प्रदर्शनी का उद्देश्य खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादकों को बिक्री का
मंच उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। आयोजकों ने
मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से प्रदर्शनी में पहुंचने की अपील की, ताकि
स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को अधिक ग्राहक मिल सकें और
स्वदेशी कारोबार को मजबूती मिले।
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