नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने 16 अक्टूबर को मेरठ कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नागरिक सेवाओं, राजस्व, प्रवर्तन, सड़क सुरक्षा और परिवर्तन योजना से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यालय निरीक्षण में उन्होंने विभिन्न पटलों का अवलोकन किया और पटल कर्मियों से उनके कार्यों के बारे में जानकारी ली। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) को निर्देश दिया कि आरटीओ कार्यालय में लंबित सिविल और निर्माण कार्यों के लिए मांग-पत्र प्रस्तुत करें, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
नागरिक सेवाओं के तहत डीलर्स पॉइंट पर लंबित नए रजिस्ट्रेशन का संज्ञान लेते हुए उन्होंने जिला स्तरीय डीलर्स के साथ साप्ताहिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि पेंडेंसी न रहे। सभी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) केंद्रों को वैध प्रमाणपत्र जारी करने और प्रक्रिया में कोई विसंगति न होने देने के निर्देश दिए।
इस दौरान परिवहन आयुक्त ने परिवर्तन योजना और एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को लेकर परिवहन यूनियन के पदाधिकारियों से फीडबैक लिया। यूनियन सदस्यों अमरजीत चिनोटी, गौरव शर्मा और पंकज अनेजा सहित अन्य पदाधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याएं बताईं। परिवहन आयुक्त ने आश्वासन दिया कि उनके स्तर के मुद्दों का निस्तारण किया जाएगा और मंत्रालय स्तर के बिंदुओं को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा।
इसके बाद उन्होंने हापुड़ रोड स्थित एबीएच, आरवीएसएफ स्क्रैप सेंटर का दौरा किया। डिपॉल्यूटिंग यूनिट और डिस्मेंटलिंग एरिया का निरीक्षण किया। स्क्रैपिंग के बाद प्रस्तुत चेसिस नंबर, आरवीएसएफ नियम 2021 के तहत आवश्यक दस्तावेज और ऑडिट रिपोर्ट की रैंडम जांच की। निरीक्षण में सभी मानकों का अनुपालन पाया गया।
इसी क्रम में उन्होंने ग्रीनस्पीड बालाजी प्राइवेट लिमिटेड ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) सेंटर का भी निरीक्षण कर सभी मानकों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान उप परिवहन आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरिशंकर सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी मेरठ अनीता सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मेरठ अम्ब्रिश कुमार, सभी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, सभी यात्रीकर अधिकारी और सभी मोटर वाहन निरीक्षक उपस्थित रहे।
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