Breaking

Your Ads Here

Friday, October 16, 2026

आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने लॉन्च किया ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0

 


इनविक्टस के हाई-परफॉर्मेंस एकेडमिक आर्किटेक्चर के साथ जेईई इकोसिस्टम को करेगा मजबूत


राहुल गौतम

नित्य संदेश, मेरठ। भारत की प्रमुख परीक्षा-तैयारी संस्थाओं में से एक आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने शुक्रवार को आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 के माध्यम से इंजीनियरिंग की तैयारी के अपने अकादमिक इकोसिस्टम को और मजबूत करने की घोषणा की है। यह नया परफॉर्मेंस आधारित एकेडमिक सिस्टम जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड और स्टेट सीईटी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक व्यवस्थित और बेहतर तैयारी का मार्ग तैयार करेगा।


लॉन्च पर बात करते हुए आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा, आकाश इनविक्टस-इंजीनियरिंग 2.0 को हमारे सबसे अच्छे टीचरों ने बनाया है, जिनके पास हर साल टॉप रैंक लाने का दशकों का अनुभव है। उन्होंने हमारे करिकुलम को फिर से बनाया, हमारी किताबें फिर से लिखीं, और हमारे टेस्टिंग मैकेनिज्म को शुरू से ही रीडिज़ाइन किया। हमने पहले कुछ खास सेंटर्स पर प्रोग्राम चलाया, और जेईई 2026 में रिजल्ट शानदार रहे। आज, हम भारत में हर आकाश ब्रांच के हर स्टूडेंट के लिए आकाश इनविक्टसला रहे हैं, जिसकी शुरुआत हमारे मौजूदा स्टूडेंट्स से होगी। हमारा मानना है कि यह सिस्टम हमारे स्टूडेंट्स को जेईईएडवांस्ड, जेईईमेन, बिटसैट, और स्टेट इंजीनियरिंग एग्जाम में अपनी सबसे अच्छी रैंक पाने में मदद करेगा और हमें यकीन है कि जेईई 2027 और 2028 आकाश के इतिहास में सबसे अच्छे रिजल्ट होंगे। आखिर “एक्सीलेंस एक्सक्लूसिव क्यों रहना चाहिए। यह रोलआउट पूरे भारत में आकाश की सभी ब्रांच में होगा और तुरंत शुरू हो जाएगा। आकाश के मौजूदा स्टूडेंट्स सबसे पहले इनविक्टससिस्टम में जाएंगे, उसके बाद हर नया स्टूडेंट जो जुड़ेगा। ब्रांच स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए ओरिएंटेशन सेशन भी कर रही हैं ताकि इस प्रोग्राम को डिटेल में समझने में मदद मिल सके।


हर बैच मजबूत रास्ता

नेशनल लॉन्च के साथ आकाश इनविक्टसचार खास बैच भी पेश कर रहा है ऐस, अचीवर, एक्सेलेरेटर, और एपेक्स। हर बैच एक जैसा मज़बूत रास्ता है, जो इस बात पर बना है कि कोई स्टूडेंट सबसे अच्छा कैसे सीखता है और उसकी ख्वाहिश क्या है। चारों का मकसद एक ही है, यह पक्का करना कि हर स्टूडेंट बिना टेंशन के अपनी पूरी काबिलियत तक पहुँचे।



नए कार्यालय का हुआ उद्घाटन

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने शुक्रवार को मंगलपांडे नगर में अपने नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। हवन-पूजन के साथ नए कार्यालय का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर इनविक्टस हेड कुमार गौरव, जनरल मैनेजर सचिन कुमार, ब्रांच हेड विकास कुमार, एकेडमिक हेड (इंजीनियरिंग) सुमित कुमार और एकेडमिक हेड (फाउंडेशन) पुनित कुमार सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।


छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है कार्यक्रम

मीडिया से बातचीत करते हुए इनविक्टस हेड कुमार गौरव ने बताया कि विद्यार्थियों को इनविक्टस का अलग अनुभवहर स्तर पर देखने को मिलेगा, चाहे वह क्लासरूम में सीखने की प्रक्रिया हो, स्टडी मटेरियल और किताबें हों, टेस्ट हों या उन्हें मिलने वाली मेंटरशिप। यह कार्यक्रम छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

परिणाम-केंद्रित अकादमिक दृष्टिकोण: हर कक्षा, प्रैक्टिस सेशन और रिवीजन साइकिल को एक ही लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया हैजेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिट्सैट और विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ संभव रैंक दिलाना।

रैंक-प्रमाणित फैकल्टी टीम: फैकल्टी टीम आकाश इनविक्टस की सबसे बड़ी ताकत है। इसी अनुभवी अकादमिक टीम ने इनविक्टस के पाठ्यक्रम, स्टडी मटेरियल और टेस्टिंग सिस्टम को एक नई ऊँचाई दी है।

वैज्ञानिक तरीके से तैयार और शोध-आधारित स्टडी मटेरियल: इन किताबों को इसी अकादमिक टीम ने लर्निंग साइंस और परीक्षा के पैटर्न पर किए गए गहन शोध के आधार पर नए सिरे से तैयार किया है। यह विद्यार्थियों को बुनियादी अवधारणाओं से लेकर सबसे कठिन प्रश्नों तक चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने में मदद करता है।

स्मार्ट टेस्टिंग और गहन विश्लेषण: टेस्टिंग की आवृत्ति, गहराई और स्तरतीनों को नए सिरे से तैयार किया गया है। हर टेस्ट के बाद विद्यार्थियों को अपनी मजबूतियों, कमियों और सुधार की जरूरत वाले सटीक क्षेत्रों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है।

एक ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप: स्टूडेंट्स और पेरेंट्स साफ देख सकते हैं कि स्टूडेंट आज कहां खड़ा है और वह कहां पहुंचना चाहता है।

कक्षा के बाहर मेंटरशिप और इकोसिस्टम: जोसाकाउंसलिंग गाइडेंस, डाउट सपोर्ट और गाइडेंस सहित लगातार मेंटरशिप जो क्लासरूम के घंटों के बाद भी स्टूडेंट के साथ रहती है, ताकि कोई भी स्टूडेंट पीछे न छूट जाए।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here