नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने 20 अक्टूबर (विजयादशमी) से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या के श्रीराम मंदिर तक ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। लगभग 930 किमी की यह यात्रा ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर से होकर गुजरेगी। पत्रकार वार्ता में इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, के.के. मिश्रा, सुरजीत चड्ढा, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया एवं नीलाभ शुक्ला उपस्थित थे।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश के सामने वोट चोरी और चंदा चोरी दो गंभीर सवाल हैं। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं; वहीं धार्मिक स्थलों के चढ़ावे और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव और मजबूत लोकतंत्र के लिए जवाबदेही आवश्यक है।
राम मंदिर ट्रस्ट और चढ़ावे के हिसाब पर उठाए सवाल
यात्रा की प्रमुख मांग है कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग कर मंदिर की व्यवस्था का दायित्व पूर्व प्रस्तावित रामालय ट्रस्ट को सौंपा जाए। इसमें विभिन्न पीठों के शंकराचार्य, रामानंद संप्रदाय के संत, निर्मोही अखाड़े और गोरखनाथ मठ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर तत्कालीन महासचिव, कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो। ट्रस्ट में राजनेताओं और सांप्रदायिक संगठनों के सदस्यों को पदाधिकारी या जिम्मेदार पद पर नियुक्त नहीं करने की मांग भी की गई।
दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने महाकाल मंदिर (उज्जैन), रामराजा मंदिर (ओरछा) और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सहित प्रमुख धर्मस्थलों एवं उनसे जुड़े ट्रस्टों में नियमित स्वतंत्र ऑडिट, आय-व्यय और दान-चढ़ावे का सार्वजनिक हिसाब, जमीनों के बड़े लेन-देन की जानकारी तथा निर्माण कार्यों और ठेकों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
SIR-SSR पर सवाल, मतदाता सूची की डिजिटल कॉपी मांगी
दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की SIR और SSR प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पंजाब में पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए नामों को लेकर आई शिकायतों और बड़ी संख्या में नाम बहाल होने के दावों का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब राजनीतिक दल पहले से मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी मांग रहे थे, तब उन्हें समय पर उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई? मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की स्पष्ट प्रक्रिया तथा राजनीतिक दलों को उपयोगी डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग
दिग्विजय सिंह ने उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मामले में सामने आए कथित VIP संबंधी आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के समय पर सवाल उठाते हुए मांग की कि अंकिता भंडारी के परिवार को पूर्ण न्याय मिलने तक मामले की जांच किसी दबाव से मुक्त रहनी चाहिए। उन्होंने CBI जांच में पारदर्शिता, सभी संबंधित पहलुओं की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। इस मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों का निष्पक्ष जांच से सत्यापन होना आवश्यक है।
‘यतो धर्मस्ततो जयः’ होगा यात्रा का ध्येय वाक्य
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह शांतिपूर्ण जन-जागरण यात्रा किसी धर्म, संप्रदाय या व्यक्ति के विरुद्ध नहीं है। इसका उद्देश्य लोकतंत्र, धार्मिक आस्था और सार्वजनिक धन की पारदर्शिता की रक्षा करना है। यात्रा में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ पांच रंगों—लाल, पीला, काला, सफेद और हरा—वाला धर्म ध्वज भी रहेगा, जो शक्ति, ज्ञान, आत्मचिंतन, शांति और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देगा। यात्रा का ध्येय वाक्य सुप्रीम कोर्ट का आदर्श वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ (अर्थात जहाँ धर्म, सत्य और न्याय है, वहीं विजय है) होगा।
20 अक्टूबर को पार्थिव शिवलिंग निर्माण
यात्रा के शुभारंभ पर विश्व कल्याण की कामना से 20 अक्टूबर को सुबह 8 बजे उज्जैन के बालाजी गार्डन में असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम आयोजित होगा। आयोजन समिति द्वारा विधिवत भूमि पूजन किया गया है। पार्थिव शिवलिंग निर्माण का दायित्व ब्रह्मलीन पूज्य दद्दा जी के शिष्य मंडल के वरिष्ठ शिष्य सुरेंद्र सुहाने को सौंपा गया है। मध्य प्रदेश के समस्त सनातन धर्मप्रेमियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। यात्रा से जुड़ने के लिए पैम्फलेट, थीम सॉन्ग और संपर्क नंबर 8982121282 जारी किया गया है।
यात्रा का मार्ग:
यह यात्रा उज्जैन से प्रारंभ होकर तराना, शाजापुर, सारंगपुर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर, चंदेरी, तालबेहट, ओरछा, चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात और बाराबंकी होते हुए अयोध्या पहुंचेगी।


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