नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संस्थान के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा संस्थान के प्रो बोनो क्लब के संचालन एवं गतिविधियों के लिए ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सहायता केंद्र सरकार की DISHA 2.0 (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice) योजना के अंतर्गत संचालित न्याय बंधु (Pro Bono Legal Services) कार्यक्रम के तहत प्रदान की गई है।
न्याय बंधु कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ना है। इस योजना के माध्यम से विधि संस्थानों के प्रो बोनो क्लब विद्यार्थियों को अधिवक्ताओं के सहयोग से जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जनसेवा और विधिक जागरूकता की भावना को विकसित किया जाता है। देशभर के एक दर्जन से अधिक विश्वविद्यालयों को इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है, जिनमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ का विधि अध्ययन संस्थान भी शामिल है। विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संस्थान के प्रो बोनो क्लब को अपने विधिक सहायता एवं जनसेवा संबंधी कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने का अवसर मिलेगा।
इस उपलब्धि पर विधि अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार त्यागी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय विभाग की इस योजना के अंतर्गत संस्थान का चयन होना गर्व का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विश्वविद्यालय की मा. कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि प्रो बोनो क्लब के लिए वित्तीय सहायता का प्रस्ताव मा. कुलपति जी के निर्देशन में प्रेषित किया गया था।
डॉ. विवेक कुमार त्यागी ने कहा, “न्याय विभाग द्वारा प्रदान की गई यह वित्तीय सहायता हमारे लिए गौरव के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। प्रो बोनो क्लब हमारे विद्यार्थियों को अपनी विधिक शिक्षा और कौशल का उपयोग समाज के उन वर्गों की सेवा में करने का अवसर प्रदान करता है, जिन्हें विधिक सहायता की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस सहयोग के माध्यम से हम आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित लोगों तक विधिक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को एक संवेदनशील और सामाजिक रूप से उत्तरदायी विधि व्यवसायी बनने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।”
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा प्राप्त धनराशि का उपयोग न्याय बंधु कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रो बोनो क्लब की गतिविधियों, विधिक सहायता, विधिक जागरूकता तथा जरूरतमंद नागरिकों तक न्याय की पहुंच को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
न्याय बंधु कार्यक्रम
न्याय बंधु (Pro Bono Legal Services) न्याय विभाग, विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्वयंसेवी अधिवक्ताओं को निःशुल्क विधिक सेवा प्राप्त करने के इच्छुक नागरिकों से जोड़ा जाता है। विधि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में स्थापित प्रो बोनो क्लबों के माध्यम से विधि विद्यार्थियों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाता है, जिससे उनमें विधिक ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति उत्तरदायित्व और जनसेवा की भावना विकसित हो। वर्तमान में न्याय बंधु कार्यक्रम DISHA 2.0 का हिस्सा है।
.jpeg)
No comments:
Post a Comment