
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। IDBA का परिचय इंदौर डेफ बाइलिंगुअल एकेडमी (IDBA) मूक बधिर संगठन द्वारा संचालित, 1974 से बधिर बच्चों के लिए नर्सरी से 12वीं तक का आवासीय विद्यालय है। यहाँ के बधिर छात्र राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। इसके संस्थापक डॉ. उषा और राजकुमार पंजाबी स्वयं बधिर हैं और 50 वर्षों से बधिर बच्चों की सेवा कर रहे हैं।

IDBA में दो बधिर-अंध प्रेरक ज़मीर धाले और सौरभ चोगुले IDBA में आए हुए हैं ज़मीर धाले बधिर-अंध अधिकार अधिवक्ता और SEDB India के संस्थापक हैं, जो बधिर-अंध लोगों द्वारा चलाई जा रही संस्था है। वे BA (राजनीति विज्ञान) पूरा कर रहे हैं और आगे LLB करेंगे। वे RPWD Act 2016 के तहत बधिर-अंध लोगों के अधिकारों के लिए सरकार से लड़ रहे हैं। उनके साथ सौरभ चोगुले (30 वर्ष) हैं, जिन्होंने NIOS से 10वीं की है और अब 12वीं कर रहे हैं।

दोनों बधिर छात्रों को अपना अनुभव, कंप्यूटर-मोबाइल से पढ़ाई और आत्मनिर्भर बनने के तरीके बता रहे हैं। उनका संदेश है - बधिर-अंधता या दिव्यांगता पढ़ाई, तकनीक और जीवन में बाधा नहीं है, मौका मिले तो सब संभव है।
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