नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) में आयोजित तीन दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने अपने विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट्स और नवाचारपूर्ण समाधानों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। आज के सत्र में कुल 11 टीमों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनमें विद्यार्थियों ने वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक टीम ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और समस्या के समाधान में उसकी भूमिका को पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझाया। इसके साथ ही कई टीमों ने अपने कार्यशील प्रोटोटाइप (Working Prototype) का प्रदर्शन भी किया। अलग-अलग प्रोजेक्ट्स को देखकर यह स्पष्ट हुआ कि संस्थान के विद्यार्थियों में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ रचनात्मक सोच, नवाचार और वास्तविक समस्याओं के समाधान की क्षमता भी मौजूद है।
प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन एवं निरीक्षण डॉ. निधि चौहान (SPOC), डॉ. शोभित सक्सेना, डॉ. प्रियंक सिरोही, डॉ. कवि भूषण एवं डॉ. गौरव त्यागी द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली, नवीनता, व्यावहारिक उपयोगिता और समस्या-समाधान क्षमता का अवलोकन किया। इस दौरान जजों ने प्रतिभागी टीमों से उनके प्रोजेक्ट्स से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रश्न भी पूछे, जिनका विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया।
आज प्रस्तुत किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स ने यह दर्शाया कि SCRIET के विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज और उद्योग से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके लिए तकनीक आधारित प्रभावी समाधान विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन विद्यार्थियों को नवाचार, टीमवर्क और व्यावहारिक समस्या-समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। SCRIET में आयोजित इस हैकाथॉन के दूसरे दिन 11 टीमों के प्रोजेक्ट प्रदर्शन ने संस्थान में मौजूद तकनीकी प्रतिभा और नवाचार की क्षमता को सामने रखा।
तीन दिवसीय आयोजन के आगामी सत्र में प्रतिभागी टीमें अपने प्रोजेक्ट्स एवं प्रोटोटाइप को और विकसित करते हुए प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक चुनौतियों के लिए नए और तकनीकी रूप से व्यवहारिक समाधान तैयार करने का अवसर मिल रहा है।

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