नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर आनंदपुरी में दसलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया।
प्रातः कालीन कार्यक्रम में इंद्रों द्वारा दो पाण्डुक शिलाओं पर भगवान
शांतिनाथ एवं भगवान पार्श्वनाथ को विराजमान किया गया। देव-शास्त्र-गुरु, सोलहकारण,
दसलक्षण धर्म, रत्नत्रय एवं भगवान महावीर की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
मंदिर जी में चल रहे तत्वार्थ सूत्र महामंडल विधान के अंतर्गत 47 अर्घ्य मांडले पर
चढ़ाए गए तथा चांदी के रत्नों द्वारा विशेष पूजा की गई। सांयकाल में सभी
धर्मावलंबियों द्वारा सामूहिक आरती की गई।
इस अवसर पर विधानाचार्य नंदन शास्त्री ने उत्तम आकिंचन धर्म पर अपने प्रवचन
में कहा कि मोह ही इस संसार में समस्त दुखों का मूल कारण है, इसलिए हमें अनावश्यक
वस्तुओं का मोह त्याग कर आत्म-कल्याण के मार्ग पर चलना चाहिए। प्रवचन के उपरांत
शुभम जैन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। आयोजन में सुनील जैन
प्रवक्ता, तरस चंद जैन, अरुण जैन, सत्येंद्र जैन, शैलेंद्र जैन, रचित जैन, अरिहंत
जैन, संजीव जैन, प्रमोद जैन एवं अनुराग जैन आदि का सहयोग रहा।

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