Breaking

Your Ads Here

Thursday, September 24, 2026

अंबिका गरबे रमे लेकर आए श्याम पुरबिया और उमेश बरोट, नवरात्रि से पहले भक्ति संगीत का नया रंग

 


नित्य संदेश ब्यूरो

गुजरात। नवरात्रि से पहले भक्ति और गरबा संगीत के शौकीनों के लिए एक खास तोहफा आया है। गुजरात के लोकप्रिय गायक उमेश बरोट की आवाज में नया भक्ति-गरबा गीत 'अंबिका गरबे रमे' रिलीज हो गया है। गीत का म्यूजिक डायरेक्शन पालनपुर के चर्चित म्यूजिक डायरेक्टर श्याम पुरबिया ने किया है, जबकि इसे स्टूडियो सरस्वती, जूनागढ़ से रिलीज किया गया है। नवरात्रि की आस्था, गुजरात की गरबा संस्कृति और भक्तिमय संगीत के सुंदर संगम के रूप में पेश किया गया यह गीत श्रोताओं को भक्ति के साथ गरबा की ऊर्जा से जोड़ता है। त्योहार से पहले रिलीज कर इसे गरबा के माहौल को और खास बनाने की कोशिश की गई है।


उमेश बरोट की आवाज में भक्ति का रंग
'अंबिका गरबे रमे' को अपनी दमदार और भक्तिमय आवाज दी है उमेश बरोट ने। उनकी गायकी गीत के भक्ति भाव और गरबा शैली के साथ खूबसूरती से मेल खाती है। गीत की कंपोजीशन जीवन पुरबिया ने की है।


श्याम पुरबिया का मजबूत होता संगीत सफर
पालनपुर, गुजरात के म्यूजिक डायरेक्टर श्याम पुरबिया अलग-अलग शैलियों में काम के लिए जाने जाते हैं। वे गुजराती संगीत के साथ-साथ बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में भी सक्रिय हैं। श्याम पुरबिया इससे पहले बॉलीवुड के मशहूर गायक जावेद अली के गीत 'इश्क़ की स्याही' में म्यूजिक डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके अलावा वे अनुपमा देशपांडे, सुरेश वाडेकर, जावेद अली, करसन सरगाथिया और दिव्य कुमार जैसे चर्चित गायकों के साथ काम कर चुके हैं।


भक्ति से गरबा तक गुजरात की झलक
'अंबिका गरबे रमे' सिर्फ एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि नवरात्रि में गुजरात की सांस्कृतिक पहचान - गरबा को भी सामने लाने वाली प्रस्तुति है। इसमें भक्ति भाव के साथ गरबा की लय और उत्साह को प्रमुखता दी गई है, जो इसे गरबा पंडालों और भक्ति संगीत प्रेमियों दोनों के लिए खास बनाता है।


गीत की जानकारी
गीत: अंबिका गरबे रमे
गायक: उमेश बरोट
म्यूजिक डायरेक्टर: श्याम पुरबिया
कंपोजीशन: जीवन पुरबिया
रिलीज: स्टूडियो सरस्वती, जूनागढ़
शैली: भक्ति एवं गरबा


No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here