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Thursday, September 24, 2026

सीसीएसयू में जुटेंगे 35 से अधिक कुलपति, 'विकसित भारत के लिए शिक्षा का स्वरूप' पर होगा मंथन



ज्ञानसभा-2026 का आयोजन 26-27 सितंबर को, 7 सत्रों में शिक्षा, युवा, नवाचार और कौशल पर विमर्श


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में 26 और 27 सितंबर को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र) द्वारा दो दिवसीय ज्ञानसभा-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसका केंद्रीय विषय "विकसित भारत हेतु शिक्षा का स्वरूप" रखा गया है।


विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ज्ञानसभा में देशभर के 35 से अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शिक्षक, विद्यार्थी और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस संबंध में गुरुवार को कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. कृष्णकांत शर्मा एवं प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।


दो दिन में होंगे 7 प्रमुख सत्र
प्रेस वार्ता में बताया गया कि दो दिवसीय आयोजन में कुल 7 प्रमुख सत्र होंगे। इनमें सामूहिक सत्रों के साथ विद्यार्थियों, स्कूल शिक्षकों और प्रोफेसरों के लिए समानांतर समूह सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।


पहला दिन - 26 सितंबर

  • प्रथम सत्र (उद्घाटन सत्र - सुबह 10:30 बजे): विषय- विकसित भारत हेतु शिक्षा का स्वरूप। बीज वक्तव्य डॉ. अतुल कोठारी देंगे, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर होंगे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला करेंगी।
  • द्वितीय सत्र: विषय- युवा नवाचार उद्यमिता : विकसित भारत 2047 की ओर। साथ ही छात्रों के लिए समानांतर सत्र- ज्ञान से जीवन तक।
  • तृतीय व चतुर्थ सत्र (समूह सत्र): विषय- विद्यार्थी से व्यक्तित्व तक और 21वीं सदी का आदर्श शिक्षक कैसा हो।


दूसरा दिन - 27 सितंबर

  • पंचम सत्र: विषय- भारतीयता, विज्ञान और तकनीक। विषय प्रवर्तक डॉ. अतुल कोठारी होंगे।
  • षष्ठम सत्र: विषय- कक्षा से कर्मभूमि तक : शिक्षा को रोजगार और आत्मनिर्भरता से कैसे जोड़ें। अध्यक्षता एमजेपी रुहेलखंड विवि के कुलपति प्रो. अनिल राय करेंगे।
  • सप्तम सत्र (समापन सत्र): विषय- ज्ञानसभा से जनसभा तक। मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पंकज मित्तल होंगे।


समानांतर सत्रों में "स्कूल अकेला नहीं बना सकता संस्कार", "गुरु व्यवस्था, शिक्षा और संस्कार" जैसे विषयों पर भी विमर्श होगा। प्रेस वार्ता में बताया गया कि ज्ञानसभा का उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित न रखकर उसे चरित्र निर्माण, संस्कार, कौशल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। प्रेस वार्ता में वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, मीडिया प्रभारी प्रो. मुकेश कुमार शर्मा, डॉ. अलका तिवारी, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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