नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा बुधवार को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक व व्यावसायिक भविष्य को दिशा देने के उद्देश्य से 'Enlighten: Session 2026' ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम रसायन विज्ञान विभाग स्थित रमेश चंद्र सभागार में विभागाध्यक्ष प्रो. आरके सोनी के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य, कौशल निर्माण, करियर संभावनाओं और आधुनिक तकनीक के प्रभाव जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रूस से प्रो. सोफिया एवं प्रो. मरीना तथा उज्बेकिस्तान से प्रो. दिलफ्यूजा रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मीनू तेवतिया एवं डॉ. निखिल कौशिक ने किया। व्यक्तित्व विकास सत्र में हरिओम शर्मा ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, प्रभावी संचार और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ज्ञान के साथ प्रभावी व्यक्तित्व भी सफलता के लिए जरूरी है। हेल्थ टॉक सत्र में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की डॉ. आयुषी सिंघल ने विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और स्वस्थ आदतों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सीसीएसयू के ईसी सदस्य शैलेंद्र जायसवाल ने "Students' Skills: From Learning to Earning" विषय पर संबोधित करते हुए कौशल विकास को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. आरके सोनी ने करियर प्रॉस्पेक्ट्स विषय पर उच्च शिक्षा, शोध, शिक्षण और उद्योग सहित विभिन्न करियर अवसरों की जानकारी दी और विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की सलाह दी। वहीं प्रो. सिद्दीकी ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय की सुविधाओं और एआई के दौर में शिक्षक की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि एआई जानकारी तो दे सकता है, लेकिन वह यह नहीं जानता कि जानकारी को किस तरह से देना है। शिक्षक ही जानता है कि बच्चों को जानकारी कितनी और किस प्रकार देनी है ताकि वे उसे समझ सकें और दुनियादारी से जोड़ सकें।
कार्यक्रम कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के संरक्षण एवं विज्ञान संकाय के डीन प्रो. हरे कृष्णा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अध्यक्षता प्रो. आरके सोनी ने की। कार्यक्रम की कन्वीनर डॉ. नाजिया तरन्नुम रहीं, जबकि डॉ. मनीषा भारद्वाज एवं डॉ. प्रियंका काकड़ ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी रहीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुरातन छात्रों से संवाद कर अपने शैक्षणिक और करियर संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को 'लर्निंग से अर्निंग' की ओर प्रेरित कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। अंत में डॉ. मनीषा भारद्वाज ने सभी वक्ताओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


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