नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में गुरुवार को अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष ने विश्वविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर बैठक की। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने की।
बैठक के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के डायरेक्टर रिसर्च प्रोफेसर बीरबल सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विगत पांच वर्षों में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, शोध, नवाचार एवं अन्य क्षेत्रों में अर्जित उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने के लिए विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों द्वारा किए जा सकने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट, समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया, डिस्टेंस लर्निंग कोर्स, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, एल्यूमिनी सहयोग, इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन सेंटर सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय में इंडस्ट्री एमओयू, शोधपीठ, शोधगंगा तथा शोध एवं नवाचार से संबंधित गतिविधियों की भी जानकारी प्राप्त की।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय एक जीवंत स्थान है और यहां निरंतर परिश्रम एवं समर्पित प्रयासों से ही सार्थक परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल, शोध, नवाचार और रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक के दौरान प्रस्तुत की गई जानकारी के आधार पर अपर मुख्य सचिव ने पाया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा से जुड़े अधिकांश महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों एवं प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय को बधाई दी तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को आगे भी निरंतर जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने अपर मुख्य सचिव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षा को अधिक रोजगारपरक, कौशल आधारित और शोधोन्मुख बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

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