नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के शिक्षा संकाय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, एसवीएसयू तथा लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के सहयोग से आयोजित ‘शोध पद्धति एवं सांख्यिकीय विश्लेषण पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला—आरएमएसए खंड-4’ का सफल समापन हुआ। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यशाला में भारत सहित पोलैंड, ब्राजील, इथियोपिया, भूटान और वियतनाम के 167 प्रतिभागियों तथा 13 प्रतिष्ठित संसाधन व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को शोध पद्धति, आंकड़ा संकलन, सांख्यिकीय विश्लेषण, शोध लेखन और अंतरराष्ट्रीय शोध प्रवृत्तियों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शैक्षणिक सत्रों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ आत्मीय और उत्सवी स्वरूप भी प्रदान किया। कार्यशाला का शुभारंभ भव्य उद्घाटन समारोह से हुआ। सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ शिक्षा संकाय के न्यूजलेटर के प्रथम अंक का विमोचन किया गया। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के अधिष्ठाता प्रो.(डॉ.) जोसेफ सिंह ने साहित्यिक चोरी और साहित्यिक चोरी पहचान सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन सत्र के माध्यम से शोध में अकादमिक ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया। वही पोलैंड से प्रो. (डॉ.) क्रिज़िस्तोफ़ स्तेच ने अंतरराष्ट्रीय शोध प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला। भूटान से डॉ. मोहम्मद बाबुल अख्तर ने प्राचल एवं अप्राचल ढांचों पर प्रशिक्षण दिया। ब्राजील से डॉ. देसालेन वासे मोला ने ‘खेल प्रबंधन शोध : एक वैश्विक परिदृश्य’ विषय पर विचार रखे। इथियोपिया से डॉ. एफ्रेम केंटिबा ने व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान में शोध की मूल अवधारणाएं समझाईं, जबकि डॉ. बैजू अब्राहम ने एथलेटिक्स में आधुनिक शोध प्रवृत्तियों पर अपना व्याख्यान दिया।
कार्यशाला के अंतिम दिन शैक्षणिक सत्रों के साथ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और औपचारिक समापन समारोह ने आयोजन को विशेष बना दिया। समापन समारोह को अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के अधिष्ठाता एवं कार्यशाला के सह-अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय ने संबोधित किया। उन्होंने शोध अनुदान, शोध प्रकाशन और संस्थागत शोध सहयोग की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा, डॉ. लुभान सिंह, डॉ. मंजू अधिकारी, डॉ सुधीर त्यागी, डॉ अनोज राज आदि शिक्षण व शिक्षणेत्तर कर्मी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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