अपने जीवन के निर्माता आप स्वयं हैं जैसा हम बीज बोते हैं वैसा ही फल हमें मिलता है
मयंक अग्रवाल
नित्य संदेश, मेरठ। राधा गोविन्द मंडप में सप्त दिवसीय सत्संग, विषय - रामचरितमानस - उत्तरकाण्ड का आयोजन किया गया, जिसका प्रारंभ कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती महाराज द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
मुख्य यजमान मनोज कुमार एवं उनके परिवार के द्वारा व्यास भगवान का स्वागत एवं पूजन किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने अपना उदबोधन सभी के कल्याणार्थ और समाज के संस्कार को सुसंस्कृत बनाने हेतु किया। व्यास भगवान ने कथा के प्रारम्भ में ही सबका मार्गदर्शन करते हुए कहा --"राम कथा जे सुनत अघाहीं - रस विशेष तिन जाना नहीं ।।" कभी कथा का रस फीका नहीं पड़ता वैसे ही जैसे हमें जो वस्तु प्रिय है वह आज भी है, कल भी थी और आगे भी रहेगी। प्रियजन की चर्चा चाहे जितनी सुन लो, हमेशा सुखदायनी होती है। सेवक का काम अपने स्वामी की आज्ञा का पालन करना होता है। भरत जी ने 14 साल सारी व्यवस्था संभाली , भगवान राम की चरण पादुका रखकर भरत जी ने अपने स्वामी के सारे राज्य को संभाला। भगवान कल्पवृक्ष हैं उनके चरणों में रहकर जो मांगोगे मिल जाएगा।
गुरुदेव ने बताया, भजन भक्ति निष्ठा की संपत्ति असली संपत्ति है। आज कथा में मनोज कुमार गुप्ता, बबीता गुप्ता, गोविंद अग्रवाल, आलोक गुप्ता, आर के प्रसाद, सुभाष शर्मा, मयंक अग्रवाल एवं अनेक भक्तजन उपस्थित रहे।
अन्त में आरती और सभी को प्रसाद वितरण किया गया।
यह कथा 12 से 18 तक शाम 4 से 6.30 तक नित्य श्रवित होगी।
प्रातः काल में 8 से 9 बजे, विषय - विवेक चूड़ामणि , स्थान - सुमित्रा सत्संग भवन, जागृति विहार एक्सटेंशन पर सत्संग 13 अगस्त से 19 अगस्त तक होगा ।
No comments:
Post a Comment