नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के एक प्रोफेसर के साथ हुई मारपीट की घटना से डूटा प्रेसिडेंट व्यथित और चिंतित है। उन्होंने सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण परिसर सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से "वार्ता" की तथा आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किए।
डूटा प्रेसिडेंट ने सदैव विश्वविद्यालय के शिक्षकों की समस्या के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वह विश्वविद्यालय के परिसर ,उत्तरी परिसर एवं दक्षिणी परिसर के शिक्षकों को अपने परिवार का अभिन्न अंग मानते हुए राष्ट्रीय भावना से ओट -प्रोत होकर उनके हितों एवं अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक सत्रों को नियमित एवं व्यवस्थित करने , पास्ट काउंट सर्विस से संबंधित समस्याओं के समाधान तथा अतिथि शिक्षकों के लिए सम्मानजनक और तनाव मुक्त कार्य- परिवेश सुनिश्चित करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं।
शिक्षकों को ऐसा चिंतामुक्त, तनावमुक्त और गरिमा पूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना ,जिसमें वो निर्बाध रूप से शिक्षण ,शोध एवं अकादमिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें डूटा प्रेसिडेंट की सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वो पूरी प्रतिबद्धता ,संवेदनशीलता और दृढ़ा संकल्प के साथ निरंतर संघर्षरत एवं प्रयासरत हैं।
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