नित्य संदेश ब्यूरो
परीक्षितगढ़, मेरठ। भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय राष्ट्रपति रहे भारत रत्न वी.वी. गिरी की जयंती के अवसर पर रविवार को अलीपुर खजूरी में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गोस्वामी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीवानगिरी गोस्वामी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध अधिवक्ता बालकिशन गिरी ने की और संचालन रवि गिरी गोस्वामी ने किया। गोष्ठी में प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. किरण सिंह उपाध्याय ने वी.वी. गिरी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारत के प्रथम श्रमिक नेता एवं केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया और उच्च शिक्षा प्राप्त कर श्रमिकों के लिए अनेक कानून बनाए। उनका जीवन दर्शन आज भी प्रेरणा स्रोत है। निर्दलीय रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव जीतना अपने आप में एक मिसाल है। गोस्वामी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीवानगिरी गोस्वामी ने कहा कि आज के युग में जोगी-गोस्वामी समाज की राजनीतिक उपेक्षा हो रही है। हमें वी.वी. गिरी जी से प्रेरणा लेकर एकजुट होकर आंदोलन करना होगा।
युवा समाजसेवी दीपक गोस्वामी ने युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया। भाजपा नेत्री एवं समाजसेविका दिशा गोस्वामी ने कहा कि समाज की राजनीतिक उपेक्षा के बारे में देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सहित हाईकमान को अवगत कराया जाएगा। रवि गिरी गोस्वामी ने कहा कि स्वर्गीय राष्ट्रपति वी.वी. गिरी की प्रतिमाएं गांव-गांव में लगाई जाएं ताकि युवाओं को प्रेरणा मिल सके।
महेंद्र नाथ उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में एक-एक वोट का महत्व है और वोट की एकता से ही समाज की पहचान बनती है। जोगी, गोसाई और नाथ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और पूरे भारत में इस समाज की आबादी लगभग 20 करोड़ है।
कार्यक्रम को अधिवक्ता सुभाष गोस्वामी और राधा रमन गोस्वामी ने भी संबोधित किया। अंत में अनेक प्रतिभाओं को शॉल ओढ़ाकर और भारत रत्न वी.वी. गिरी जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
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