इकराम चौधरी
नित्य संदेश, मेरठ। ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय और 8 जुलाई के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जिलाधिकारी से अनिश्चितकालीन धरने की अनुमति मांगी गई थी, जिसे जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा और पुलिस व्यवस्था की कमी का हवाला देते हुए देने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी पूर्व उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग उत्तर प्रदेश मुकेश सिद्धार्थ ने दी।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना संवैधानिक अधिकार है। प्रशासन से आग्रह है कि अनुमति पर पुनर्विचार करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। समाज के लोगों से विचार-विमर्श के बाद अगली तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। यदि प्रशासन शांतिपूर्ण धरने की अनुमति नहीं देता है तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से कलेक्ट्रेट मेरठ के घेराव का आह्वान किया जाएगा, जो एक ऐतिहासिक जनआंदोलन होगा। हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा है।

No comments:
Post a Comment