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Sunday, August 2, 2026

चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय में "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" संकल्प अभियान के तहत योगाभ्यास और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग, राजेश पायलट छात्रावास के विशाल प्रांगण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" को साकार करने के उद्देश्य से योगाभ्यास, ध्यान और नशा मुक्त शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ योग विज्ञान विभाग के समन्वयक प्रो. राकेश कुमार शर्मा, कुलानुशासक प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. विजय जेस्वाल, डॉ. वैशाली पाटिल आदि ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया। इस विशेष सत्र में प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने शरीर एवं मन को स्वस्थ रखने के लिए वर्ष के 365 दिन चलने वाली नित्य योगशाला के योग साधकों एवं जन-साधारण को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई। सभी ने संकल्प लिया कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए "हम कभी भी जीवन में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे।"

योगाचार्य अमरपाल ने उपस्थित साधकों को सूक्ष्म व्यायाम के साथ-साथ शरीर संवर्धन हेतु सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार के अभ्यास से आलस्य दूर होता है, स्थूलता धीरे-धीरे कम होती है और पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसके साथ ही रक्त संचार सुचारू रूप से प्रवाहित होता है जिससे शरीर में स्फूर्ति व मन को ताजगी का अनुभव होता है।

अभ्यास के क्रम में योग साधकों ने धैर्य एवं मन को स्थिर करने वाला वृक्षासन, शरीर की एक-एक नश-नाड़ी को खिंचाव देने के लिए ताड़ासन एवं तिर्यक ताड़ासन, पश्चिमोत्तानासन, चक्रासन, धनुरासन, हलासन आदि का अभ्यास किया। इसके साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम जोकि मानव शरीर में प्राण वायु के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और अनिद्रा व तनाव को दूर करने में सहायक भ्रामरी प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया।

ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि ध्यान जिसके लिए पतंजलि कहते हैं निर्विचार मन, जिस प्रकार तेल की धार एक ही लय में प्रवाहित होती है, ठीक उसी प्रकार मन भी बिना किसी संकल्प विकल्प के अपने आराध्य में लीन रहता है। ध्यान मानव को स्वयं से जोड़ने का सरल माध्यम है और इसके अभ्यास से मानसिक व्याधियों का निवारण होता है।

इस अवसर पर डॉ. दुष्यंत चौहान, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. नवज्योति, अंजू मलिक, अभिषेक कुमार, राखि सिंह, करतार सिंह व बड़ी संख्या में नित्य योगशाला के साधक उपस्थित रहे।

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