मोहम्मद असलम
नित्य संदेश, मवाना। न्यायिक दंडाधिकारी प्रशांत मौर्य की अदालत ने थाना बहसूमा के 25 साल पुराने मारपीट व कान काटने के मामले में फैसला सुनाते हुए 3 अभियुक्तों को सजा और जुर्माने से दंडित किया।
क्या था मामला -
वादी राजेंद्र सिंह ने 11 अप्रैल 2000 को थाना बहसूमा में तहरीर दी थी। आरोप था कि सुबह करीब 9 बजे वह अपने खेत पर काम कर रहा था। तभी गांव महमूदपुर सिखैड़ा निवासी यशपाल पुत्र खेचडू, मुकेश पुत्र खेचडू और नीटू उर्फ वीर सिंह पुत्र जगबीर लाठी-भाले लेकर आए और पुरानी रंजिश के चलते हमला कर दिया। आरोप है कि यशपाल ने वादी का दाहिना कान दांत से काटकर अलग कर दिया। शोर मचाने पर ग्रामीणों के आने से वादी की जान बची। हमलावरों ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 32/2000 धारा 323, 326, 506 IPC में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
कोर्ट का आदेश -
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि मेडिकल साक्ष्य से धारा 326 सिद्ध नहीं हो पाई। इसलिए इसे घटाकर धारा 325 किया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि यशपाल सिंह को धारा 325 में 2 वर्ष का साधारण कारावास व 5,000 रुपये जुर्माना और धारा 323 में 1 वर्ष कारावास व 1,000 रुपये जुर्माना। मुकेश और नीटू को धारा 323/34 में 1-1 वर्ष का साधारण कारावास व 1,000-1,000 रुपये जुर्माना। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस मामले में अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी शैलेश कुमार, कोर्ट मुहर्रिर रामरतन गिरी, बहसूमा थाने के पैरोकार शुभम नेगी द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।

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