नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में लोकायुक्त ने नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पाण्डेय के निवास पर दबिश दी तो उसके करोड़पति होने का खुलासा हुआ। राजस्व अधिकारी की आय के मुकाबले उसकी संपत्ति 200 प्रतिशत से अधिक आंकी गई है।
नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) जितेंद्र कुमार पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। टीम ने इंदौर स्थित उनके दो ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। प्रारंभिक जांच में करीब 1.73 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति व व्यय सामने आया है, जो वैध आय से करीब 216.35 प्रतिशत अधिक बताया गया है।

31 साल में 80 लाख वेतन, संपत्ति-व्यय 2.53 करोड़-
लोकायुक्त के अनुसार जितेंद्र पांडेय करीब 31 वर्षों से नगर निगम में कार्यरत हैं। पूरे सेवाकाल में वेतन से करीब 80 लाख रुपए की आय का अनुमान है, जबकि शुरुआती जांच में उनकी संपत्ति और व्यय करीब 2.53 करोड़ रुपए पाया गया है।

पत्नी के नाम दो बड़े निर्माण-
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के अनुसार आनंद नगर एक्सटेंशन में 40×50 फीट के भूखंड पर पत्नी भावना पांडेय के नाम चार मंजिला भवन मिला है। इसकी अनुमानित निर्माण लागत करीब 1.20 करोड़ रुपए है। वहीं गजाधर नगर के गुलमोहर का बगीचा क्षेत्र में पत्नी के नाम तीन मंजिला भवन मिला, जिसमें हॉस्टल संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इसकी निर्माण लागत करीब 91.50 लाख रुपए आंकी गई है।

परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए दो पहिया और चार पहिया वाहनों तथा अन्य घरेलू खर्चों की भी जांच की जा रही है। इन पर करीब 14 लाख रुपए के व्यय का प्रारंभिक आकलन है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस-
लोकायुक्त पुलिस ने जितेंद्र कुमार पांडेय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया सहित टीम शामिल है। दोनों ठिकानों पर सर्चिंग जारी है। दस्तावेज, निवेश और निर्माण लागत के सत्यापन के बाद अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट होगा।

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