शाहिद खान
नित्य संदेश, देवरिया। मंगलवार को देवरिया क्लब में आयोजित मानवतावादी अर्थव्यवस्था विषयक संगोष्ठी के अंतर्गत "अमृत प्रयास : विजन विकसित भारत-2047 एवं जनभागीदारी द्वारा विकास मॉडल" विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने विकसित भारत के निर्माण के लिए जनसहभागिता, सुशासन, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और स्थानीय विकास मॉडल को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता गुजरात के संगठन महामंत्री रत्नाकर ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि "मानवतावादी अर्थव्यवस्था का मूल उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।" उन्होंने भारतीय चिंतन, एकात्म मानववाद तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास मॉडल को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी समान रूप से आवश्यक है।
सदर सांसद शशांक मणि ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में हो रहे व्यापक परिवर्तन विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि जनभागीदारी से ही विकास योजनाओं को गति मिलती है और देवरिया भी इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण भागीदार बनेगा। उन्होंने कहा कि हमे जामवंत की तरह जनता में छुपे हुए हनुमान को जागृत करना होगा तब जाकर 2047 तक विकसित राष्ट्र का हमारा सपना साकार हो सकेगा ।
इसके बाद आयोजित पैनल डिस्कशन में "विकसित भारत, विकसित देवरिया" विषय पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। पैनल में सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक सुरेंद्र चौरसिया, सुरेन्द्र कुशवाहा, सभाकुंवर कुशवाहा, दुर्गेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद तथा अंतर्यामी सिंह ने अपने विचार रखे।
पैनल के सदस्यों ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देवरिया को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ाना होगा। वक्ताओं ने युवाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार, स्थानीय उद्यमिता तथा सामाजिक संगठनों की भागीदारी को विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से " देवरिया को विकास का आदर्श मॉडल बनाया जा सकता है।"
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमंत मिश्रा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के वैचारिक संवाद समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ विकास की योजनाओं को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हैं।
संगोष्ठी के अंत में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को जनसहभागिता के माध्यम से साकार करने का संकल्प दोहराया गया। उपस्थित बुद्धिजीवियों एवं प्रतिभागियों ने भी अपने सुझाव साझा करते हुए देवरिया के समग्र विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण और विकसित देवरिया के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर तमकुही राज के विधायक असीम राय, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार दुबे, मारकंडे शाही, विशंभर मिश्रा, नपा अध्यक्ष अलका सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा, संजय सिंह एडवोकेट, नरेंद्र मिश्रा पप्पू, व्यापारी नेता हरेंद्र जायसवाल, अभयनाथ तिवारी, नगर अध्यक्ष रमेश वर्मा, अजय शाही, रविंद्र कौशल, आनंद शाही, शैलेन्द्र सिंह आजाद, मारकंडे तिवारी, कृष्णनाथ राय, विजय बहादुर दुबे, संजय तिवारी, अजय उपाध्याय, प्रभाकर तिवारी, पिंटू जायसवाल, प्रभाकर राय, जितेंद्र पांडे, मुकुल मणि त्रिपाठी, दीपू शाही, अर्चना पांडे, त्रिपुनायक विश्वकर्मा, डब्लू मणि त्रिपाठी, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे ।
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