डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मेरठ। शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सम विश्वविद्यालय), मेरठ के जैवचिकित्सा अभियांत्रिकी एवं स्वास्थ्य विज्ञान विभाग द्वारा "त्रि-आयामी स्वसमरूप संरचना के माध्यम से मस्तिष्क की अंतर्निहित जैविक घड़ियों का मानचित्रण" विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में देश के विभिन्न शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों से 46 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मंडी के सहायक प्राध्यापक डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि आधुनिक तकनीकों की सहायता से मस्तिष्क की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह शोध भविष्य में मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के अध्ययन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा नई वैज्ञानिक तकनीकों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। व्याख्यान के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. सिंह ने सरल एवं विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मनोज कुमार शर्मा रहे।
इस अवसर पर विभाग के निदेशक डॉ. लोमस कुमार तोमर ने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवीन वैज्ञानिक शोध, आधुनिक तकनीकों तथा नवाचार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि शोभित विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने के अवसर निरंतर उपलब्ध करा रहा है। अंत में डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने मुख्य वक्ता एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नई वैज्ञानिक जानकारियों एवं अनुसंधान के नए अवसरों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर डॉ. शिवा शर्मा, डॉ. स्वीटी पाल , दीपिका शर्मा एवं छात्र उपस्थित रहे।

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