लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, मेरठ। अब जिले के स्कूली छात्र-छात्राएं किताबों
के साथ-साथ व्यवहारिक तौर पर भी गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण का पाठ पढ़ेंगे।
नमामि गंगे अभियान के तहत जिला प्रशासन, वन विभाग और जिला गंगा समिति ने स्कूलों में
गंगा क्लब बनाने की शुरुआत की है। इसकी पहली कड़ी में सोमवार (आज) को लोहिया नगर स्थित
सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल में जिले का पहला गंगा क्लब गठित किया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का
उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना
है। ईको क्लब की तर्ज पर बनने वाले गंगा क्लबों में छात्र-छात्राओं को गंगा ही नहीं,
उसकी सहायक नदियों के इतिहास, महत्व और संरक्षण से भी अवगत कराया जाएगा। क्लब के सदस्यों
को विभिन्न जिम्मेदारियां देकर नेतृत्व क्षमता भी विकसित की जाएगी। कक्षा आठ से 12
तक के विद्यार्थियों को गंगा से जुड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
(एसटीपी) का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। वहीं सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को गंगा
कथा के माध्यम से गंगा के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी जाएगी।
वरिष्ठ कक्षाओं के लिए मोबाइल फोटोग्राफी प्रतियोगिता, गंगा प्रोजेक्ट, स्वच्छता अभियान,
टॉक शो और गंगा क्विज आयोजित होंगे, जबकि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए चित्रकला
और पेंटिंग प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। स्कूलों में खेलकूद और अन्य गतिविधियों के दौरान
छात्र समूहों के नाम भी अलकनंदा, भागीरथी और मंदाकिनी जैसी नदियों के नाम पर रखे जाएंगे,
ताकि बच्चों का नदियों से जुड़ाव बढ़ सके।
ये कहना है परियोजना अधिकारी का
जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) के परियोजना अधिकारी ने बताया
कि अभियान की शुरुआत सोमवार को जिला वन अधिकारी की मौजूदगी में सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड
स्कूल से होगी। इसके बाद जिले के अन्य स्कूलों में भी चरणबद्ध तरीके से गंगा क्लब गठित
किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्य मनीषा जैन ने कहा
कि गंगा क्लब विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से व्यवहारिक रूप से जोड़ने का सशक्त
माध्यम बनेगा। इससे बच्चे नदियों के महत्व को समझेंगे और जल संरक्षण के प्रति जागरूक
नागरिक बनने की प्रेरणा मिलेगी।

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