नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। मुक्त संवाद साहित्यिक समिती द्वारा मंगल सदन लोकमान्य नगर मे नाट्य छटा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता को छह अलग अलग वर्गो के प्रतियोगियों के लिये आयोजित किया गया. प्रतियोगिता मे 110 से अधिक प्रतियोगी सम्मिलित हुए।
सबसे कम उम्र का प्रतियोगी श्री गर्वित बिंगळे (3 वर्ष) के नाट्य छटा का विषय था माझ्या आजी ला सुट्टी द्या... इसमें स्वर्गवासी दादी के बारे मे माँ एवं पिता से अनेक प्रश्न पूछते हुए, उनके उत्तरों से सहमत नहीं होता है तथा बोलता है कि मैं दादी के लिए ईश्वर से एक दिन की छुट्टी देने का अनुरोध करुंगा।
अभिर कोठारी आप को तो मेरी प्रशंसा करते ही नहीं आती। आर्या महाशब्द ने तारा राणी के शौर्य पर अपनी प्रस्तुती दी। वही आरना पुरकर ने माता जीजा बाई के चरित्र को प्रस्तुत किया। अगम्य ने सबसे प्रसिद्ध खेल क्रिकेट को अपना विषय बनाया। रिद्धीमा आठले ने माँ बाप द्वारा टीवी देखने हेतु मना करने पर अब मे क्या करू कि प्रस्तुती दी।
अनुश्री ढमढेरे ने सोतेली मां द्वारा अपने बच्च को अकेले पंढरपूर कि यात्रा पर भेजने एवं पैसे खतम होने पर सामान बेचकर आपली वापसी की तयारी का वर्णन किया। रिशिता मसलेकर ने बडे लोग किस तरीके आपली सुविधानुसार झूठ बोलते है और छोटे बच्चों को सिखाते है कि झूठ बोलना बुरी बात है। तेजस्वी तेलंग ने स्कूल की उपयोगिता के बारे मे अपनी प्रस्तुती दी और बताया की किस तरीके से स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के अलावा अनेक अन्य गतिविधियों के बारे में तैयार किया जाता है। 75 वर्षीय ज्योति बाईवार एवं किरण रिसोडकर सबसे वरीष्ठ प्रतिभागी थी।
अनन्या किरकिरे ने कविता लिखने वाली बालिका को आने वाली परेशानी के बारे मे बताया। प्रतियोगिता मे सभी वर्गो के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करनेवाले प्रतियोगियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जायेगा।
प्रतियोगिता का शुभारंभ डॉक्टर वैशाली वाईकर ने दीप प्रज्जवलित करकर किया। प्रतियोगिता के निर्णायक श्री सतीश श्रुति एवं श्री प्रदीप नवीन थे। कार्यक्रम का संचालन मंजुषा रेडगावकर ने किया एवं आभार प्रदर्शन निलेश हिरपाठक ने किया।






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