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Wednesday, July 15, 2026

मेरठ में आवासीय भूमि पर संचालित विद्यालयों के भविष्य पर संकट, समाधान हेतु रणनीति बनाने में जुटी ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन (AISLA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवल जीत सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के बाद मेरठ सहित देशभर में आवासीय भूमि पर संचालित विद्यालयों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।

इसी विषय को लेकर आज मेरठ में ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें लगभग 40 विद्यालय संचालकों ने भाग लिया। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के संभावित प्रभावों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालयों के भविष्य तथा आगे की कानूनी एवं संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के उपरांत लगभग 40 विद्यालय संचालकों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष कवलजीत सिंह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत बाजपेयी से मिला तथा उन्हें पूरे मामले की वास्तविक स्थिति, संभावित दुष्परिणामों एवं शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

मुख्य बिंदु:

1. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के बाद आवासीय क्षेत्रों में संचालित संस्थानों पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

2. मेरठ में कुल लगभग 3,660 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से 3,500 से अधिक विद्यालय आवासीय भूमि पर संचालित बताए जाते हैं।

3. इन विद्यालयों में लगभग 7 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

4. यदि इन विद्यालयों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर कार्रवाई होती है, तो लगभग 70–80 हजार शिक्षक तथा 50–60 हजार सहायक एवं अन्य कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होकर रोजगार संकट का सामना कर सकते हैं।

5. सात लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित होने तथा लाखों अभिभावकों के सामने बच्चों की पढ़ाई को लेकर गंभीर असमंजस की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।

6. इतने बड़े स्तर पर प्रभावित होने वाले विद्यार्थियों को सीमित संख्या के अन्य विद्यालयों में समायोजित करना अत्यंत कठिन होगा। यह शिक्षा व्यवस्था के समक्ष एक गंभीर चुनौती होगी।

7. प्रतिनिधिमंडल ने लक्ष्मीकांत बाजपेयी से अनुरोध किया कि इस गंभीर विषय को केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयों के हितों की रक्षा के लिए उचित समाधान निकाला जा सके।

8. ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन इस पूरे विषय पर विस्तृत कानूनी रणनीति तैयार कर रही है।

9. संगठन द्वारा इस मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ के समक्ष उचित कानूनी उपाय अपनाने, आवश्यक होने पर जनहित याचिका (PIL) दायर करने सहित सभी वैधानिक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

10. इस संबंध में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवल जीत सिंह देश के कई वरिष्ठ सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं तथा उनसे विस्तृत कानूनी परामर्श लिया जा रहा है।

11. ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन का उद्देश्य न्यायालय के आदेशों का पूर्ण सम्मान करते हुए ऐसा व्यावहारिक एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षकों का रोजगार तथा प्रदेश और देश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

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