
सपना सी.पी. साहू
नित्य संदेश, इंदौर। मानसून आते ही इंदौर के आसपास के नदी-नाले और प्राकृतिक जलप्रपात उफान पर हैं।

हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख वाटरफॉल्स पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

हालांकि, धरातल पर इस आदेश का असर आधा-अधूरा ही नजर आ रहा है।


दूसरी ओर, तिंछा फॉल से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित मोहाड़ी वाटरफॉल पर सुरक्षा की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। चूंकि यह वाटरफॉल पर्यटन विभाग के अधीन नहीं आता, इसलिए यहां कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं।

यहां न तो कोई सुरक्षा गार्ड तैनात है और न ही बचाव का कोई इंतजाम। पर्यटक पत्थरों का सहारा लेकर और अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक रास्तों से नीचे उतर रहे हैं।

यदि जल्द ही मोहाड़ी जैसे गैर-संरक्षित वाटरफॉल्स पर भी कड़ाई से सुरक्षा व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
(सभी फोटो : नवीन मौर्य, फोटो जर्नलिस्ट)
No comments:
Post a Comment