• पेपर लीक के खिलाफ इंदौर से कांग्रेस की साइक्लोथॉन
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। कांग्रेस की 'युवा स्वाभिमान Gen-Z Cyclothon यात्रा' का आज शुभारंभ हुआ। रीगल चौराहे से शुरू हुई इस यात्रा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा युवाओं की आवाज़ और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर निकाली जा रही है।
14 जुलाई 2026 को यात्रा का पहला चरण इंदौर से आष्टा तक रहेगा, जबकि 15 जुलाई को दूसरे चरण में यह यात्रा आष्टा से भोपाल पहुंचेगी। सुबह 8 बजे इंदौर से शुरू हुई यह साइक्लोथॉन विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए भोपाल तक जाएगी। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति या दल के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के रोजगार, शिक्षा और अधिकारों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाएगी।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार से इंदौर से भोपाल तक साइक्लोथॉन की शुरुआत कर दी है। दरअसल इस दो दिवसीय यात्रा की अगुवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कर रहे हैं।
यात्रा का उद्देश्य नीट यूजी, सीबीएसई परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लोगों के बीच पहुंचना और सरकार से जवाब मांगना है। कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज को सामने लाने का अभियान है।
दरअसल यात्रा की शुरुआत इंदौर के आरएनटी (रवीन्द्र नाथ टैगोर) मार्ग से हुई, जो शहर का प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्र माना जाता है। कांग्रेस ने इसी जगह से अभियान शुरू कर यह संदेश देने की कोशिश की कि छात्रों से जुड़े सवाल अब सड़क से लेकर सरकार तक पहुंचाए जाएंगे। यात्रा के पहले दिन इंदौर से सीहोर जिले के आष्टा तक पहुंचेगी जहां रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद दूसरे दिन यात्रा भोपाल के लिए रवाना होगी।
रोजगार को बनाया अभियान का मुख्य केंद्र
वहीं जीतू पटवारी ने यात्रा शुरू होने से पहले कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर नए नजरिए की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 साल बाद अब ऐसा मॉडल बनना चाहिए जिसमें हर बच्चे को केजी से पीजी तक अच्छी और मुफ्त शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगनी चाहिए। कांग्रेस के मुताबिक यह साइक्लोथॉन राहुल गांधी के राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान का हिस्सा है। यात्रा के दौरान अलग-अलग जिलों में छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों से बातचीत की जाएगी।
वहीं पार्टी ने दावा किया है कि इंदौर, देवास, सीहोर और भोपाल जिले से करीब 500-500 साइकिल यात्री इस अभियान में शामिल होंगे। यानी भोपाल पहुंचते-पहुंचते इस यात्रा में दो हजार से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा इंदौर के साइकिल रेसर ग्रुप और कई फिटनेस क्लब के सदस्य भी पूरे रास्ते इस अभियान का हिस्सा बनेंगे।
भाजपा पर लगाए आरोप
वहीं यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भी भाजपा सरकार पर भी कई सवाल उठाए हैं। दरअसल उन्होंने कहा है कि हर भाजपा नेता पेपर माफिया नहीं है लेकिन जब भी पेपर लीक या भर्ती घोटालों की बात सामने आती है तो भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और सरकार इन मामलों में जवाबदेही तय करने में नाकाम रही है।
इंदौर से भोपाल तक निकाली जा रही साइकिल यात्रा ''युवा स्वाभिमान : जेन-जी साइक्लोथॉन" की शुरुआत के दौरान पटवारी ने यहां कहा कि प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) का प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने और अन्य गड़बड़ियों के कारण परीक्षा के निरस्त होने को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधा। पटवारी ने दावा किया कि नीट परीक्षा निरस्त होने के कारण देश भर में 20 विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली है।
उन्होंने कहा कि नीट-यूजी में कथित गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को लेनी चाहिए और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के कारण 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच कर रहा है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले ढाई दशक से जारी बीजेपी शासन के दौरान सरकारी भर्ती परीक्षाओं में जमकर धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं।
पटवारी ने राज्य में केजी से पीजी (स्नातकोत्तर) तक निःशुल्क शिक्षा प्रणाली लागू करने की भी वकालत की। उन्होंने कहा,''आर्थिक रूप से संपन्न लोग ही बड़े शिक्षा संस्थानों में अपने बच्चों को पढ़ा पाते हैं। ऐसे में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा क्यों नहीं होनी चाहिए?'



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