नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग द्वारा "मिशन सेफ फ्यूचर" के अंतर्गत बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र एवं परमिट संचालित स्कूल वाहनों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यह अभियान श्री सुधांशु रंजन, एआरटीओ (प्रवर्तन), मेरठ के नेतृत्व में हस्तिनापुर एवं बहसूमा क्षेत्र में संचालित किया गया। अभियान के दौरान विभिन्न मोटर वाहन अधिनियम एवं केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के उल्लंघन में कुल 17 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 6 स्कूल वाहनों को बिना वैध फिटनेस एवं आवश्यक अभिलेखों के संचालन पाए जाने पर सीज किया गया।
इस अवसर पर सुधांशु रंजन ने कहा कि स्कूली वाहनों की तकनीकी सुरक्षा एवं विधिक अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय एवं वाहन संचालक का दायित्व है कि वे बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए निर्धारित सभी मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। स्कूल वाहनों में वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, स्पीड गवर्नर, अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक उपचार किट (फर्स्ट एड बॉक्स), आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप स्पष्ट पहचान अंकित होना आवश्यक है। साथ ही वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, आवश्यक अनुभव एवं पुलिस सत्यापन होना चाहिए तथा परिचालक (अटेंडेंट) की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा परमिट के विद्यार्थियों का परिवहन करते हुए पाया जाता है, तो इसकी समस्त जवाबदेही एवं उत्तरदायित्व संबंधित विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन स्वामी का होगा। ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई के अतिरिक्त संबंधित विद्यालय के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई हेतु उसकी मान्यता निरस्त करने/उचित कार्रवाई किए जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी को भी संस्तुति एवं आख्या प्रेषित की जाएगी।

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