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Saturday, July 11, 2026

मध्यप्रदेश युवा संकल्प 2026 के अंतर्गत ‘शिक्षा एवं कौशल विकास’ कार्यशाला के आयोजन में शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, किला भवन, इंदौर की सहभागिता

नित्य संदेश, इंदौर। मध्यप्रदेश युवा संकल्प 2026 अभियान के अंतर्गत शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय किला भवन इंदौर ने प्राचार्य  डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव के संरक्षण, आई.क्यू.ए.सी प्रभारी डॉ. मनीषा जोशी के मार्गदर्शन में ब्रिलियंट कनवेंशन में आयोजित फोकस ग्रुप वर्कशॉप में युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विषयों पर आधारित कार्यशालाओं में सहभागिता ली । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के सुझावों के आधार पर प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना रहा।

 

वर्कशॉप में पाँच प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। प्रथम कार्यशाला "शिक्षा एवं करियर विकास" पर केंद्रित रही, जिसमें उच्च शिक्षा, रोजगारोन्मुखी कौशल, नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन तथा युवा भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। द्वितीय कार्यशाला "खेल एवं स्वास्थ्य" विषय पर आयोजित हुई, जिसमें फिट इंडिया, खेल अवसंरचना तथा युवाओं के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दिए गए।

 

तृतीय कार्यशाला "MSME, आईटी एवं स्टार्टअप्स" पर आधारित रही, जिसमें युवा उद्यमिता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अवसंरचना को सशक्त बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। चतुर्थ कार्यशाला "कृषि, उद्योग एवं पर्यावरण" में प्राकृतिक खेती, कृषि-टेक, जल संरक्षण तथा हरित रोजगार जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। वहीं पाँचवीं कार्यशाला "जन अभियान, संस्कृति एवं जन-पर्यटन" पर केंद्रित रही, जिसमें सामुदायिक नेतृत्व, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के सुझाव प्रस्तुत किए गए।


आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा द्वारा विद्यार्थियों के सुझावों का स्वागत करते हुए, इन सुझावों को गंभीरता से लेकर नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करने को कहा। उन्होंने गुरुजनों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप मार्गदर्शन दें, ताकि उन्हें डिग्री के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल भी प्राप्त हो सके । वे कहते हैं कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार एवं स्वरोज़गार के योग्य बनाना है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री भी सतत प्रयासरत हैं। वर्तमान समय इस नीति के क्रियान्वयन का संक्रमणकाल (Transition Phase) है, इसलिए सभी के सुझावों को ध्यान में रखते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026' का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया । उन्होंने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मदनलाल ढींगरा जैसे वीरों ने भारत माता की सेवा करते हुए स्वयं को बलिदान कर दिया। झाबुआ जिले के भाभरा में जन्मे चंद्रशेखर आजाद ने जिंदा रहते हुए अंग्रेजों को हाथ तक नहीं लगाने दिया। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा ने ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि देश के मशहूर उद्योगपति अंबानी ने पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हुए संघर्ष किया और अपना व्यवसाय स्थापित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खुलवाए, लेकिन उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री, जो देश के बड़े अर्थशास्त्री भी रहे, उन्हें पता नहीं था कि जीरो बैलेंस पर भी खाता खुलता है। इंदौर शहर को नर्मदा जल मिल रहा है। प्रदेश में केन-बेतवा लिंक और पीकेसी परियोजनाओं पर काम जारी है।


उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष 2027 युवा शक्ति को समर्पित रहेगा। बेहतर भविष्य के लिए युवाओं की सहभागिता आवश्यक है। किसी भी प्रदेश की चुनी हुई सरकार को जन भावना के साथ चलना चाहिए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं को रोजगार, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ना है। उन्होंने वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति हमारे महापुरुषों से प्रेरणा लेकर अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता से देश और समाज में अलग पहचान बनाए।


कार्यक्रम में महाविद्यालय से एन.एस.एस अधिकारी डॉ. शीतल ब्राह्मणे, प्रो. दीपिका सेठे, प्रो. आरती चौहान, खेल अधिकारी प्रो. बी.जे. पाटिल के सहित लगभग 09 प्राध्यापक, 2 कर्मचारी एवं लगभग 100 छात्राएं उपस्थित रही। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. नेहा गुप्ता द्वारा दी गई।

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