नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। Helping Youth Foundation (HYF) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो के संबंध में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
संस्था के अध्यक्ष आरिफ़ इदरीसी ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित उक्त वीडियो में इस्लाम धर्म, हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तथा उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा (रज़ि.), जिन्हें दुनिया भर के मुसलमान अपनी माँ का दर्जा देते हैं, के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई हैं। उक्त वीडियो से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा लोगों में चिंता एवं पीड़ा की भावना उत्पन्न हुई है।
Helping Youth Foundation ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई की जाए। संस्था का मानना है कि सभी धर्मों, धार्मिक मान्यताओं एवं पूजनीय हस्तियों का सम्मान किया जाना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की नफरत, वैमनस्य एवं धार्मिक विद्वेष फैलाने वाले कृत्यों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द एवं धार्मिक सम्मान की परंपरा वाला देश है। किसी भी धर्म अथवा उसकी पूजनीय हस्तियों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज में तनाव एवं असंतोष का कारण बन सकती है। इसलिए सभी नागरिकों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं एवं मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने वालों में संस्था के अध्यक्ष आरिफ़ इदरीसी, कोषाध्यक्ष वसीम अल्वी, उप सचिव आबिद अल्वी, सचिव नदीम इदरीसी, प्रभारी इकबाल इदरीसी, हाफिज इमरान, नवाज़िश कुरैशी, वसीम लिमरा, टॉनी उर्फ शहजाद इदरीसी, दानिश अंसारी, दानिश सैफी, आदिल सिद्दीकी, नौशाद सहित Helping Youth Foundation के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Helping Youth Foundation ने सभी नागरिकों से शांति, संयम एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भड़काऊ सामग्री से दूर रहें तथा कानून एवं संविधान पर विश्वास बनाए रखें।

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