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Wednesday, June 3, 2026

ख्याल तुम्हारे... रविंद्र तंवर "सूर्योदय"

 

नित्य संदेश 

ख्याल तुम्हारे...

अब नहीं करता इंतजार तुम्हारा,

रात में जल्दी सो जाता हूं।

हां आज भी सताती है याद तुम्हारी,

मैं तुम्हारे ख्यालों में खो जाता हूं।।


आ जाती हो, सपनों में कभी तुम,

मैं नींद में ही मुस्कुराता हूं।

हां नंबर है तुम्हारा पास मेरे,

मगर बात नहीं कर पाता हूं।।


संभाल रखी थीं जो आठ साल पुरानी,

वो चैट एक पल में डिलीट कर दी।

खाली है गैलरी का वो लॉक फोल्डर,

जिसमें तुम्हारी तस्वीर सजी थी।।


तुमने ही तो सिखाया मुझको,

सच्चे प्रेम की कदर नहीं होती है।

और केवल प्रेम से ही,

कहां जीवन की बसर होती है।।


मैं आज भी प्रेम के तराने,

सिर्फ तुम्हारे नाम से गुनगुनाता हूं।

हां, बिछड़ कर तुमसे हूं अकेला,

नहीं किसी का हो पाता हूं।।


और अब नहीं है चाहत मुझको,

तुम्हे भी वापस पाने की।

मगर अंतिम प्रेम रहोगी तुम मेरा,

मैंने कसम खाई है प्रेम निभाने की।।



रविंद्र तंवर "सूर्योदय"

बड़वाह (म. प्र.)

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