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Friday, June 5, 2026

‘हरित आरोग्यम’ बना पर्यावरण संरक्षण का मॉडल, सुभारती मेडिकल कॉलेज में औषधीय पौधों से सजेगा वेलनेस कॉर्नर

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुभारती मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग द्वाराहरित आरोग्यम : Creating a Sustainable Medicinal Wellness Corner” नामक एक अभिनव एवं दीर्घकालिक पर्यावरणीय पहल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems), नवाचार (Innovation) तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को व्यवहारिक रूप से विद्यार्थियों के जीवन से जोड़ना था।


इस अवसर पर विभाग के बाहर स्थित टैरेस क्षेत्र को विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कर एक हरित, स्वास्थ्यवर्धक एवं प्रेरणादायी शिक्षण स्थल के रूप में विकसित करने की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण कर इस क्षेत्र को भविष्य मेंमेडिसिनल वेलनेस कॉर्नरके रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। परियोजना के तहत तुलसी, अश्वगंधा, एलोवेरा, गिलोय, ब्राह्मी, लेमनग्रास एवं पुदीना सहित अनेक औषधीय पौधे लगाए गए, जिनके औषधीय गुणों एवं स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देने हेतु सूचना पट्ट भी स्थापित किए जाएंगे। कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि “Waste to Wellness” नवाचार मॉडल रही। इसके अंतर्गत अनुपयोगी प्लास्टिक बोतलों, पुराने टायरों,  एवं अन्य परित्यक्त सामग्रियों का पुनः उपयोग कर पौधारोपण एवं बैठने की व्यवस्था विकसित करने की योजना बनाई गई। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पुनर्चक्रण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।


जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एयर कंडीशनर से निकलने वाले जल ्रके संग्रहण हेतु विशेष ड्रम स्थापित करने की योजना भी तैयार की गई है। इस जल का उपयोग पौधों की सिंचाई में किया जाएगा, जिससे संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और जल संरक्षण का प्रभावी संदेश समाज तक पहुंचेगा। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रीन लेगेसी प्रोग्राम का शुभारंभ भी किया गया, जिसके तहत प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी किसी विद्यार्थी अथवा विद्यार्थी समूह को सौंपी जाएगी। विद्यार्थी प्लांट गार्जियन के रूप में पौधों की देखभाल करेंगे तथा पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद यह जिम्मेदारी अपने कनिष्ठ विद्यार्थियों को हस्तांतरित करेंगे। इस अभिनव व्यवस्था से परियोजना की निरंतरता एवं दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।


इस अवसर पर सुभारती मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णा कृष्णमूर्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे इस रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग की निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. निधि बंसल ने कहा कि हरित आरोग्यम केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, स्वामित्व की भावना, नवाचार, पर्यावरणीय चेतना एवं स्वास्थ्य संवर्धन के मूल्यों को विकसित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में भी ऐसे प्रायोगिक एवं समाजोपयोगी कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता रहेगा।


कार्यक्रम की सफलता में विभाग के संकाय सदस्य श्री अनंत एवं सोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं विभागीय लिपिक श्री पंकज, सहायक कर्मचारी श्रीमती रजनी एवं श्री मनोज ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं, पौधारोपण गतिविधियों और समग्र संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर एमएचए (Master of Hospital Administration) के विद्यार्थियों आकाश, अभय, अक्षित, राजेश, कृतिका, ऋद्धिमा, तानिशा, नेहा, प्रियंका एवं ऋषभ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सफाई अभियान, औषधीय पौधारोपण, नवाचार गतिविधियों एवं जल संरक्षण पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


उल्लेखनीय है कि सुभारती विश्वविद्यालय का एमएचए (Master of Hospital Administration) कार्यक्रम विद्यार्थियों को अस्पताल प्रबंधन, गुणवत्ता प्रबंधन, स्वास्थ्य नीति, डिजिटल हेल्थ, अस्पताल संचालन, स्वास्थ्य विपणन, नवाचार तथा नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करता है। विभाग समय-समय पर ऐसे अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिनसे विद्यार्थियों में प्रबंधन कौशल के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित होती है।


कार्यक्रम के अंत में विभाग ने सभी विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं सहयोगी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दोहरायाएक पौधा नहीं, एक विरासत लगाइए।

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