नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। डूंगर चर्मशोधन वाले प्रकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीएम मेरठ और डायरेक्टर डीआरडीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हैं। साथ ही समय पर जवाब न देने पर सम्मन जारी करने की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि गत 21 मई को मेरठ में बढ़ते दलितों पर अत्याचारों के खिलाफ शोषित क्रांति दल के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना को एक शिकायती पत्र सौंपा था।
एसकेडी अध्यक्ष रविकांत ने बताया कि गांव डूंगर मेरठ में दलित समाज के लोग अपना पुश्तैनी कार्य चर्मशोधन करते हैं। इन्हें जिला ग्राम्य विकास अधिकरण उत्तर प्रदेश सरकार ने चर्मशोधन इकाइयां भी बना कर दी थी। जिसका अनुबंध 17 जून 2034 तक है, आरोप लगाया कि दिनांक 13 अप्रैल 2026 को जिला प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के इनकी इकाइयों पर सील लगा दी है।
चर्मशोधकों को इनका कच्चा माल भी खत्म करने का समय तक नहीं दिया गया। जिससे कई लाख का माल सड़कर बेकार हो चुका है। करीब डेढ़ सौ परिवार भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। जोकि अन्यायपूर्ण कार्यवाही है और सरासर दलितों पर अत्याचार है। आयोग से अनुरोध किया था कि मेरठ प्रशासन को निर्देशित किया जाये कि दलितों की चर्मशोधन इकाइयों से सील हटाकर इन्हें अपना भरण पोषण करने दिया जाए।

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