नित्य संदेश ब्यूरो
भोपाल (मप्र)। वरिष्ठ पत्रकार, सम्पादक एवं लेखक अजय जैन 'विकल्प' की पाण्डुलिपि (कृति) को मप्र साहित्य अकादमी (मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग) भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष २०२४ हेतु प्रदेश के लेखक की प्रथम कृति के प्रकाशनार्थ स्वीकृत किया गया है। सभी शुभचिंतकों, मित्रों एवं साहित्यकारों ने इस सुयश पर शुभकामना दी है।
हिन्दीभाषा डॉटकॉम की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन ने बताया कि अकादमी द्वारा इसके अंतर्गत काव्य (हाइकु) पाण्डुलिपि (मन की पीर) पर २० हजार ₹ की सहायता अनुदान के रूप में दी जाएगी।
बता दें कि लेखक अजय जैन ‘विकल्प’ इंदौर (मध्यप्रदेश) ने दैनिक स्वदेश समाचार-पत्र में वरिष्ठ विशेष संवाददाता के नाते लम्बे समय तक पत्रकारिता की है, साथ ही 1999 से स्वतंत्र लेखन जारी है। आप साहित्यिक वेबसाइट (www.hindibhashaa.com) के संस्थापक-सम्पादक-स्वामी हैं। 'विकल्प' ने अपनी कविताओं और आलेखों में सदा ही देश की राजनीति व मूलभूत समस्याओं को उकेरने का कार्य बखूबी किया है। पत्रकारिता, हिंदी साहित्य सेवा और लेखनी से अनेक राष्ट्रीय अखबारों एवं इंदौर शहर में बेदाग ख्याति अर्जित करने, 10 पुरस्कार-सम्मान हासिल करने के साथ ही 5 पुस्तकें (एकल) सम्पादित कर चुके हैं। साहित्य अकादमी मप्र से अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार-2019 से अलंकृत श्री जैन ने इस चयन के लिए निर्णायक मंडल एवं अकादमी के निदेशक डाॅ. विकास दवे का आत्मीय आभार व्यक्त किया है।

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