नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व योग जागरूकता अभियान के अंतर्गत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग द्वारा मंगलवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्र के तीन प्रमुख स्थलों पर विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों में योग को जन-जन तक पहुंचाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का संदेश दिया गया।कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि “योग प्रकृति की अनमोल देन है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। यदि प्रत्येक व्यक्ति योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले, तो स्वस्थ, सकारात्मक और तनावमुक्त समाज का निर्माण संभव है।”
1. डोगरा मंदिर परिसर में सैनिकों संग योग
योग जागरूकता अभियान का पहला चरण मेरठ छावनी स्थित ऐतिहासिक डोगरा मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। भारतीय सेना द्वारा संरक्षित यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक गरिमा, अनुशासित वातावरण और हरित परिसर के लिए विशेष पहचान रखता है। डोगरा रेजिमेंट की परंपराओं से जुड़ा यह मंदिर वर्षों से सैनिकों और नागरिकों के लिए आस्था एवं आत्मिक शांति का केंद्र बना हुआ है। यहां विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने सेना के जवानों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। योग सत्र में प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर कमांडेंट अधिकारी मुकेश शर्मा का विशेष सहयोग रहा। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में लगे जवानों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।
2. शहीद स्मारक पर राष्ट्रनायकों को नमन
अभियान का दूसरा चरण शहीद स्मारक परिसर में आयोजित किया गया, जहां विश्वविद्यालय के अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने योगाभ्यास किया। सन् 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति की धरती मेरठ स्थित शहीद स्मारक देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। परिसर में स्वतंत्रता संग्राम के वीर बलिदानी शहीद मंगल पांडे और शहीद धन सिंह कोतवाल की प्रतिमाएं देशवासियों को राष्ट्रसेवा और त्याग की प्रेरणा देती हैं। योगाभ्यास से पूर्व उपस्थित जनों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है और राष्ट्रनायकों के आदर्शों से प्रेरित होकर स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
3. नानपुर के आम के बाग में प्रकृति की गोद में योग
अभियान का तीसरा और सबसे आकर्षक आयोजन ग्राम नानपुर स्थित श्री वीरेंद्र सिंह गुर्जर के आम के सघन बाग के बीच आयोजित किया गया। चारों ओर हरे-भरे आम के वृक्ष, कोयल की मधुर कूक, पक्षियों की चहचहाहट और शीतल प्राकृतिक वातावरण के बीच सैकड़ों ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। प्रकृति की गोद में आयोजित इस योग सत्र ने प्रतिभागियों को तन और मन दोनों स्तरों पर अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव कराया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने उपस्थित ग्रामीणों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प दिलाया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योग की अलख जगाना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर ग्रामवासियों रामरती, रेखा, कविता, डॉ नीलम हरेन्द्र, डॉ नरेंद्र मोरल, सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में वीरेंद्र सिंह गुर्जर एवं उनके परिवार का विशेष सहयोग रहा। इन सभी कार्यक्रमों में प्रो. बीरपाल, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र ,प्रो. राकेश कुमार शर्मा, प्रो. के.के. शर्मा, डॉ. जितेंद्र, डॉ. गौतम सहित योग विज्ञान विभाग के सभी शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रमों का संचालन योग विज्ञान विभाग की टीम द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक जनजागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि योग के माध्यम से स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण के लक्ष्य को साकार किया जा सके।



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