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Sunday, June 21, 2026

स्टार्टअप की उड़ान को मिला नया आयाम, सुभारती विश्वविद्यालय में उद्यमिता अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के आचार्य विष्णु गुप्त सुभारती कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स  द्वारा "अर्ली स्टेज एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक्सेलेरेटर्स और इनक्यूबेशन अवसर" (Accelerators & Incubation Opportunities for Early Stage Entrepreneurs) विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। 


ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो सत्रों वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रबंधन एवं वाणिज्य के स्नातक तथा परास्नातक विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को स्टार्टअप सपोर्ट इकोसिस्टम के नवीनतम आयामों और उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स की डीन प्रो. (डॉ.) पद्मा मिश्रा के प्रेरणादायी प्रारंभिक संबोधन से हुआ। उन्होंने वर्तमान समय में उद्यमिता और नवाचार के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा के साथ एक साक्षात्कार भी साझा किया, जिसने सत्र को व्यावहारिक एवं प्रेरक दृष्टिकोण प्रदान किया।


कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन सुभारती कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स  के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने स्टार्टअप्स की मूल अवधारणा, उनके विकास में एक्सेलेरेटर्स और इनक्यूबेटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका तथा नवोदित उद्यमियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इनक्यूबेशन सेंटर और एक्सेलेरेटर कार्यक्रम न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए भी नवाचार एवं उद्यमिता के नए द्वार खोलते हैं। सत्र का प्रमुख आकर्षण 'सीएम युवा पोर्टल' की विस्तृत जानकारी रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को इस पोर्टल पर पंजीकरण करने और राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न उद्यमिता कार्यक्रमों एवं सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।


दूसरे सत्र के मुख्य वक्ता फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं स्टार्टअप रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर  के समन्वयक डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा रहे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में उपलब्ध स्टार्टअप इकोसिस्टम, उद्यमिता विकास की सुविधाओं और संस्थागत सहयोग पर विस्तार से जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों को स्टार्टअप स्थापित करने के लिए को-वर्किंग स्पेस, समर्पित केबिन, मीटिंग रूम, प्रोटोटाइपिंग लैब, तकनीकी सहायता एवं शोध सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य युवाओं में नवाचार और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देकर उन्हें सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक संसाधन एवं मार्गदर्शन प्रदान करना है।


दोनों सत्रों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अत्यधिक उत्साह और रुचि के साथ भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने उद्यमिता, स्टार्टअप पंजीकरण, वित्तीय सहायता और इनक्यूबेशन अवसरों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।


कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच सीएम युवा पहल, स्टार्टअप संस्कृति और शुरुआती दौर के उद्यमियों के लिए उपलब्ध इनक्यूबेशन एवं एक्सेलेरेशन अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


अंत में फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स की डीन प्रो. (डॉ.) पद्मा मिश्रा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

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