कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की जांच अब विजिलेंस विभाग करेगा
सलीम सिददीकी
नित्य संदेश, मेरठ। यूपी में ऊर्जा निगम के भ्रष्ट कर्मचारियों पर अब सख्ती होगी और विजिलेंस का डंडा चलेगा। आरोपी विभागीय कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की जांच अब विजिलेंस को सौंपी जाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस संबंध में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। उक्त आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पावर कॉरपोरेशन की सतर्कता इकाई अब सिर्फ बिजली चोरी के मामले देखेगी।
बिजली विभाग के कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच अब सीधे विजिलेंस करेगी। इन आदेशों के बाद अब कई विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। इसे उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा है ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार कॉरपोरेशन की सतर्कता इकाई अब सिर्फ बिजली चोरी के मामलों तक ही सीमित रहेगी। बताया जा रहा है कि ऊर्जा निगमों में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को देखते हुए जांच सिस्टम में बदलाव की यह रूप रेखा तैयार की गई है। हालांकि इसके तहत हर जिले में बिजली चोरी निरोधक थाने यथावत रहेंगे और एडीजी के अधीन चल रहे बिजली चोरी थानों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बता दें कि पहले भी यही व्यवस्था थी, जिसे अब फिर से लागू किया गया है। विजिलेंस के लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है। उधर सरकार ने भी साफ कर दिया है कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार पर अब सीधी कार्रवाई होगी।

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