Breaking

Your Ads Here

Friday, May 8, 2026

भविष्य की रक्षा तकनीक और आधुनिक पदार्थों पर एमआईईटी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। एमआईईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के सहयोग तथा मटेरियल रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया, दिल्ली चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का विषय “भविष्य में उपयोग होने वाली नई आधुनिक सामग्री और उनके नए आविष्कार” रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विमल कुमार वरुण, सुमेश दीक्षित, डॉ. ऋचा चौधरी, प्रो. आर.के. द्विवेदी, कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह तथा सम्मेलन संयोजक डॉ. विपिन कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन संयोजक डॉ. विपिन शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में कुल 307 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पहले दिन 183 शोध पत्रों पर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन में रक्षा, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी से जुड़े शोधकर्ताओं ने अपने शोध प्रस्तुत किए। अमेरिका, ओमान, अल्जीरिया, इराक, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, मोरक्को और तुर्की सहित कई देशों के शोध पत्र भी सम्मेलन में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि डॉ. विमल कुमार वरुण ने कहा कि देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए उन्नत और भविष्य आधारित आधुनिक पदार्थों के विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए हल्के लेकिन मजबूत पदार्थ, नैनो पदार्थ, पाईजोइलेक्ट्रिक पदार्थ, उच्च सटीकता वाले पदार्थ तथा कार्बन फाइबर आधारित उन्नत पदार्थों पर विशेष शोध किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि युद्ध क्षेत्र में सेना, वायु सेना और नौसेना को ऐसे सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ पदार्थों की आवश्यकता होती है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। आधुनिक पदार्थ देश की रक्षा क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेंगे।

सम्मेलन के दौरान शोध पत्रों की कॉन्फ्रेंस पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। प्रथम दिन प्रो. ओ.पी. ठाकुर (वैज्ञानिक, डीआरडीओ), प्रो. आर.के. द्विवेदी, प्रो. साकेत अस्थाना (आईआईटी हैदराबाद), प्रो. अखिलेश कुमार सिंह (आईआईटी बीएचयू) तथा प्रो. दिनेश अग्रवाल (पेन स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका) ने तकनीकी व्याख्यान प्रस्तुत किए।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here