नित्य संदेश ब्यूरो
इंदौर। इंदौर के चर्चित हनीट्रैप एपिसोड-2 मामले में गिरफ्तार सातों आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक सप्ताह पहले सभी आरोपियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने बारी-बारी से सभी से पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार, 25 मई 2026 को क्राइम ब्रांच ने सातों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के निवास पर पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
रेशू चौधरी और श्वेता जैन की रही मुख्य भूमिका
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि हनीट्रैप गिरोह में शामिल सातों आरोपियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां थीं। कोई शिकार तलाशने का काम करता था, कोई तकनीकी गतिविधियां संभालता था, जबकि कुछ आरोपी ब्लैकमेल कर पैसों की वसूली करते थे। पुलिस जांच में रेशू चौधरी और श्वेता विजय जैन की भूमिका सबसे अहम बताई जा रही है।
पुराने वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों के पास से पुराने हनीट्रैप मामलों से जुड़े संवेदनशील वीडियो भी बरामद हुए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इन्हीं वीडियो को आधार बनाकर कम से कम पांच लोगों को ब्लैकमेल किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के संपर्क में और कितने लोग थे तथा ब्लैकमेलिंग से कितनी रकम वसूली गई।
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