नित्य संदेश ब्यूरो
बहसूमा। जनपद में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) सहित 1100 से अधिक एनएचएम कर्मियों को पिछले दो महीनों से वेतन और अन्य भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे इन कर्मियों का कहना है कि नियमित वेतन न मिलने के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारी मजबूरी में उधार लेकर अपने घर का खर्च चला रहे हैं, जबकि दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी चुनौती बन गई है। एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स, उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला अध्यक्ष हेमराज कुमार, मंडल महामंत्री राम कीर्ति शरण गुप्ता एवं परीक्षितगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष सुशील कुमार सहित अन्य सीएचओ व एनएचएम कर्मियों ने इसे अत्यंत गंभीर स्थिति बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन उत्तर प्रदेश की प्रबंध निदेशक (एमडी) को पत्र भेजा गया है, जिसमें लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो एनएचएम कर्मी प्रदेशव्यापी स्तर पर आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
फिलहाल कर्मचारी अपने बकाया वेतन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही देरी ने उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानियों को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे स्थिति दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है।

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