नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की महिला सशक्तिकरण समिति द्वारा “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नारी शक्ति’ विषय पर भव्य कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह पहल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख योजना के अंतर्गत आयोजित की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की शक्ति, सहनशीलता और योगदान का सम्मान करना था। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से संकाय सदस्यों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, पदाधिकारियों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक रचनाओं के माध्यम से नारी सशक्तिकरण के विविध पहलुओं—शक्ति, गरिमा, समानता, संघर्ष और उपलब्धि—को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता को एक मंच पर लाकर एक जीवंत वातावरण का निर्माण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की सीईओ प्रो. (डॉ.) शल्या राज के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा, “नारी शक्ति समाज की वास्तविक ऊर्जा है। जब महिलाओं को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है, तो वह न केवल अपनी पहचान बनाती हैं बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देती हैं। ऐसे आयोजन जागरूकता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने नारी शक्ति को समर्पित अपनी कविता सुनाकर सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दी। ”
इस आयोजन का सफल समन्वयन महिला सशक्तिकरण समिति की सचिव डॉ. मंजू अधिकारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन गतिविधि प्रभारी एवं पर्सनालिटी डेवलपमेंट विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राखी कुमारी द्वारा किया गया, जिससे आयोजन सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम में समावेशिता और विचारशील सहभागिता का वातावरण देखने को मिला। प्रतियोगिता में डॉ. सारिका, डॉ. निशा राणा, डॉ. निशा सिंह, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. रफत खानम, दीपिका चौधरी, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अभिलाषा गर्ग, काम्या शर्मा, दीपांशु एवं सुश्री अंशु ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डॉ. मंजू अधिकारी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कुलपति प्रो. (डॉ.) पी. के. शर्मा एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) शल्या राज के मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण के व्यापक दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक पहल है, इसके द्वारा हम नारी की मनोदशा और उसके भावों को कविता के रूप में अभिव्यक्त कर सके हैं। इस दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थी एवं शिक्षकों की भी उपस्थिती रही।

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