डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नैसकॉम फ्यूचर स्किल प्राइम (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य औपचारिक शिक्षा को उद्योग-प्रासंगिक कौशलों के साथ जोड़ना तथा छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
इस एमओयू पर नैसकॉम की ओर से कामना जैन एवं शोभित विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. गणेश भारद्वाज ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.के. त्यागी, डीन अकादमिक्स प्रो. अशोक कुमार, निदेशक – प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट डॉ. अभिषेक कुमार डबास , निदेशक डॉ. संदीप कुमार, निदेशक आउटरीच डॉ. नेहा वशिष्ठ, डॉ. लोमस तोमर, प्रो. दिव्य प्रकाश, प्रो. डॉ. अनिल शर्मा, प्रो. आर.के. जैन सहित विभिन्न विभागों के निदेशक एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। यह साझेदारी शोभित विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत वह अपने छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें उद्योग के अनुरूप कौशलों से सुसज्जित कर रोजगार के लिए पूर्णतः तैयार करना चाहता है। इस पहल के अंतर्गत छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र एवं उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा, जिससे वे अपने शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षताओं का भी विकास कर सकेंगे।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह के उपरांत कामना जैन ने छात्रों के साथ एक इंटरैक्टिव ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया। उन्होंने वर्तमान प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्रों के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इस प्रकार की पहल छात्रों के करियर निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी समझाया कि ये प्रमाणपत्र छात्रों के लिए “गेम चेंजर” सिद्ध हो सकते हैं तथा उन्हें रोजगार योग्य बनाने में अत्यंत सहायक हैं। यह पहल एक भविष्य-उन्मुख और कौशल-आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्रों को बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी।


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