नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस चेयर के संयुक्त तत्वावधान में मोरांग दिवस के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “नेताजी सुभाष चंद्र बोस और मोइरांग का ऐतिहासिक महत्व” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कर्नल राजेश त्यागी(सेनि.) निदेशक, सुभारती डिफेंस अकादमी मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित करके व अतिथि को पादप देकर की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता कर्नल राजेश त्यागी(सेनि.) निदेशक, सुभारती डिफेंस अकादमी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, “मोइरांग केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नेतृत्व और उनकी रणनीतियाँ आज भी युवाओं को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करती हैं।” अपने अनुभवों को साझा करते हुए कर्नल त्यागी ने कहा कि मोइरांग ना केवल एक स्थान मात्र है जहां आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजी सेना को हराकर अपना कब्जा किया था बल्कि वह इस बात का प्रतीक है कि यदि आप में जज्बा और जुनून है तथा आप अपने राष्ट्र से प्रेम करते हैं तो दुर्गम से दुर्गम स्थान पर भी आप विश्व की बड़ी से बड़ी ताकत को हराने की ताकत रखते हैं। आज भारत के युवाओं को उसी जज्बे और जुनून के साथ जीवन के पथ पर आगे बढ़ना होगा तभी हमारा देश 2047 तक विकसित भारत बन सकेगा।
कार्यक्रम अपने संबोधन में प्रो. अशोक त्यागी, संयोजक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस चेयर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, “मोइरांग का ऐतिहासिक महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह आज़ाद हिंद फौज की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा। नेताजी के विचारों और उनके संघर्ष को समझना आज के युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
इस संगोष्ठी का संयोजन डॉ. प्रीति सिंह, शोध अधिकारी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस चेयर द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. रितेश चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि, “ऐसे आयोजन छात्रों को इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रीय चेतना का विकास करते हैं। नेताजी का जीवन और मोरांग का महत्व हमें देश के प्रति समर्पण का संदेश देता है।” कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक गण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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