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Friday, April 10, 2026

प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव ने किया देश के प्रथम नमो भारत कॉरिडोर का दौरा



नित्य संदेश ब्यूरो

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी. के. मिश्र, प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का दौरा किया। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथाला तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहे। सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक, श्री शलभ गोयल ने निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।


श्री गोयल ने प्रतिनिधिमंडल को भारत की प्रथम नमो भारत परियोजना के विषय में विस्तृत जानकारी दी, जिसमें परियोजना का समग्र विवरण, इसमें उपयोग की गई उन्नत तकनीकों तथा उन प्रमुख नवाचारों की जानकारी शामिल थी जो क्षेत्रीय गतिशीलता के क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर रहे हैं। एनसीआरटीसी द्वारा दिल्ली, गाज़ियाबाद और मेरठ के बीच 82 किलोमीटर लंबे खंड में देश के प्रथम नमो भारत कॉरिडोर का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। प्रतिनिधिमंडल को यह भी अवगत कराया गया कि नमो भारत किस प्रकार प्रदूषण और जाम जैसी शहरी गतिशीलता की गंभीर चुनौतियों का समाधान प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा एक अधिक सतत एवं कुशल परिवहन तंत्र के निर्माण में योगदान दे रहा है। साथ ही, इस क्षेत्र में भीड़भाड़ को कम कर, बहु-केंद्रित (पॉलिसेंट्रिक) शहरी विकास को बढ़ावा देने की इस कॉरिडोर की परिवर्तनकारी क्षमता पर भी चर्चा की गई। संपूर्ण कॉरिडोर पर परिचालन आरंभ होने के साथ ही इसका प्रभाव अब जमीनी स्तर पर देखा भी जा रहा है।




इस दौरे की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई, जो कॉरिडोर का प्रारंभिक स्टेशन है। यह स्टेशन एक प्रमुख मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब के रूप में उभर रहा है तथा दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, सिटी बस सेवाओं और रिंग रोड से सहज कनेक्टिविटी प्रदान करता है। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन के एकीकृत डिज़ाइन और सार्वजनिक परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच यात्रियों के सुगम एवं निर्बाध आवागमन का अनुभव किया। उन्हें यह भी अवगत कराया गया कि फेज़-1 के तीनों प्राथमिकता वाले नमो भारत कॉरिडोर सराय काले खां पर एकीकृत होंगे और इंटर-ऑपरेबल होंगे। डॉ. मिश्र ने सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के इस एकीकृत ‘नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स’ के विकास की सराहना की, जिसमें परिवहन के विभिन्न साधन एक-दूसरे के पूरक बनकर यात्रियों को एक साधन से दूसरे साधन के बीच आवागमन में सुगमता प्रदान करते हैं और यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।




प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां से दुहाई डिपो स्टेशन और वहाँ से वापसी की यात्रा नमो भारत ट्रेन में की और ट्रेनों में उपलब्ध यात्री-केंद्रित सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया। डॉ. मिश्र ने एनसीआरटीसी द्वारा आरामदायक यात्रा तथा समावेशिता पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई। मेडिकल आवश्यकता के लिए स्ट्रेचर ले जाने की सुविधा और समाज के सभी वर्गों के लिए यात्रा को आसान बनाने वाली अन्य सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने सततता पर अपने बहुमूल्य सुझाव भी साझा किए और एनसीआरटीसी द्वारा की जा रही पहलों की प्रशंसा की। इस यात्रा के दौरान, डॉ. मिश्र दुहाई स्थित डिपो पहुंचे और उन्होंने अत्याधुनिक ‘सेंटर फॉर इनोवेशन’—‘अपरिमित’ के नए परिसर का उद्घाटन किया। एनसीआरटीसी वर्चुअल रियलिटी (वीआर), ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), सिमुलेटर और बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर अपनी संचालन क्षमता और ट्रेन ऑपरेटरों के प्रशिक्षण को सुदृढ़ कर रहा है। यह इनोवेशन सेंटर नमो भारत कॉरिडोर के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों के विकास और उनके प्रयोग के लिए एक मुख्य केंद्र (हब) के रूप में कार्य करेगा।


प्रतिनिधिमंडल ने दुहाई स्थित नमो भारत डिपो वर्कशॉप और इंस्पेक्शन बे-लाइन्स (आईबील) का भी दौरा किया, जहाँ ट्रेनों की देखरेख, रखरखाव और परीक्षण किया जाता है। इस अवसर पर भारत के प्रथम रीजनल रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (आरआरटीएस) के क्रियान्वयन की यात्रा पर आधारित एक डॉक्युमेंटेशन बुक, ‘नमो भारत: इंडियाज़ न्यू-एज मोबिलिटी’ को भी रिलीज़ किया गया। प्रधानमंत्री ने गत 22 फरवरी 2026 को संपूर्ण दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया है, जो देश के शहरी गतिशीलता परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी नए अध्याय की शुरुआत है।

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