नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी) के कम्प्यूटर क्लब द्वारा विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “पीयर-टू-पीयर लर्निंग सेशन ऑन जावा प्रोग्रामिंग” का सफल आयोजन किया गया। यह बहुदिवसीय कार्यशाला विद्यार्थियों को जावा प्रोग्रामिंग की मजबूत नींव प्रदान करने, उन्हें इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स से लैस करने तथा प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पहल सिद्ध हुई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने निरंतर उत्साह और सक्रिय भागीदारी दिखाई। पूरे सत्र में सीखने की गहरी रुचि, जटिल अवधारणाओं को समझने की तत्परता तथा व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस कार्यशाला की विशेषता इसका पूर्णतः हैंड्स-ऑन और इंटरएक्टिव स्वरूप रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने जावा प्रोग्रामिंग के सिद्धांतों को केवल सैद्धांतिक रूप से नहीं, बल्कि वास्तविक समय में कोडिंग और प्रोजेक्ट निर्माण के माध्यम से सीखा। इस अवसर पर कम्प्यूटर क्लब के फैकल्टी इंचार्ज एवं स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ एंड इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री राजेश पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जावा प्रोग्रामिंग आज भी इंडस्ट्री में अत्यंत प्रासंगिक है और इस प्रकार के बहुदिवसीय, प्रायोगिक सत्र विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास, लॉजिक बिल्डिंग और प्रोजेक्ट निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया तथा कम्प्यूटर क्लब को तकनीकी उत्कृष्टता का एक सशक्त मंच बताया।
इस कार्यशाला के प्रशिक्षक हर्ष राज रहे, जिन्होंने अपनी स्पष्ट, संरचित और चरणबद्ध शिक्षण शैली के माध्यम से विद्यार्थियों को जावा प्रोग्रामिंग की मूलभूत से लेकर उन्नत अवधारणाओं तक का विस्तृत ज्ञान प्रदान किया। सत्र में डेटा टाइप्स, कंट्रोल स्टेटमेंट्स, लूप्स, मेथड्स, एक्सेप्शन हैंडलिंग, फाइल हैंडलिंग तथा ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को गहराई से समझाया गया। साथ ही, विद्यार्थियों को मिनी प्रोजेक्ट्स के माध्यम से जावा प्रोग्रामिंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों का अनुभव कराया गया, जिससे उनकी समस्या-समाधान क्षमता और कोडिंग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह आयोजन कम्प्यूटर क्लब की नवगठित कोर टीम द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किया गया, जिसमें आशा, करण, ईशा, हर्ष, राहुल, चिन्मय एवं अंशिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने कार्यक्रम की योजना, समन्वय, संचालन और प्रतिभागियों को तकनीकी सहायता प्रदान करने जैसे सभी कार्यों को अत्यंत कुशलता और समर्पण के साथ संपन्न किया।
पीयर-टू-पीयर लर्निंग मॉडल के माध्यम से वरिष्ठ एवं कनिष्ठ विद्यार्थियों के बीच एक सहयोगात्मक, संवादात्मक और प्रेरणादायक शिक्षण वातावरण विकसित हुआ। इस मॉडल ने ज्ञान के आदान-प्रदान को सहज बनाया, प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया तथा उन्हें स्वयं सीखने के साथ-साथ दूसरों को सिखाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने इस बहुदिवसीय जावा प्रोग्रामिंग सत्र को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और करियर उन्मुख बताया तथा भविष्य में ऐसे और उन्नत तकनीकी सत्रों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
कम्प्यूटर क्लब द्वारा आयोजित यह जावा प्रोग्रामिंग कार्यशाला विश्वविद्यालय में विकसित हो रही प्रोजेक्ट-आधारित तकनीकी संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई तथा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, नवाचारी और तकनीकी रूप से दक्ष बनने के लिए प्रेरित किया।

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